नई दिल्ली। धर्मशाला के मेडिकल कॉलेज में रैगिंग की सूली चढ़े अमन का केस फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुना जायेगा ताकि तीन महीने के अन्दर अमन को इंसाफ मिल सके। ये आश्वासन भारत सरकार के एडीशनल सॉलीसिटर जनरल गोपाल सुब्रह्मण्यम ने अमन के पिता को दिया। आईबीएन 7 की पहल पर अमन के पिता उनसे मिलने गए थे।
सुब्रह्मण्यम उस राघवन कमेटी के भी अमिकास क्यूरी थे जिसने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर रैगिंग रोकने के लिए तमाम सिफारिशें की हैं। वे अमन के मसले पर गंभीर नजर आए।
गोपाल सुब्रह्मण्यम के मुताबिक अगर सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन हो तो रैगिंग के राक्षस को रोका जा सकता है। अमन के पिता चाहते हैं के उनके बेटे की मौत से सबक लेकर रैगिंग को हमेशा के लिए खत्म करने का उपाय किया जाए।
अमन के परिवार के मुताबिक अमन को सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि रैगिंग के रोग से शिक्षा संस्थानों को मुक्त किया जाए।
शनिवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर रैगिंग में अमन की मौत के खिलाफ कैंडिल लाइट मार्च का आयोजन किया गया। इंटरनेट पर सोशल नेटवर्किंग साइट के जरिए भी लोगों ने अमन को इंसाफ दिलाने की मुहिम शुरू की है। फेसबुक पर जस्टिस फॉर अमन कैम्पेन में लोग लगातार जुड़ रहे हैं और रैगिंग के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं।
फेसबुक पर लोगों के संदेश से उनका गुस्सा साफ झलकता है। वे कहते हैं कि उन लड़कों को फांसी हो जानी चाहिए।
उनको भी उसी तरह टार्चर करना चाहिए जैसे उन्होंने किया। कॉलेज के प्रिंसिपल को जेल भेज देना चाहिए।
इस कैंपेन में अब तक करीब 2000 लोग जुड़ चुके हैं और हर घंटे गिनती बढ़ती जा रही है।
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