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शिकायत की तो दलित परिवारों को छोड़ना पड़ा गांव!

| Aug 06, 2013 at 10:17am

भीलवाड़ा। राजस्थान के भीलवाड़ा में 35 दलित परिवारों को अपना गांव ही छोड़ना पड़ा। इन 35 परिवारों को दबंगों के खिलाफ थाने में शिकायत करना भारी पड़ा। हालत ये है कि अपना घर होते हुए भी ये परिवार धर्मशाला में रहने को मजबूर हैं और इनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। हैरानी की बात ये है कि इतने दिनों के बाद भी प्रशासन ने दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।

ग्रामीण रत्न लाल के मुताबिक इन लोगों ने कुछ नहीं किया है। इनके साथ मारपीट की गई और जब वो शिकायत करने थाने गए तो इन्हें गांव छोड़कर जाने को कहा गया। दरअसल एक अगस्त को घुमंतू जाति के इन लोगों में से एक पप्पू नाम के शख्स के साथ गांव के दबंगों ने मारपीट की। जिसकी शिकायत करने के लिए पप्पू थाने चला गया। पप्पू की इस हरकत से गांववाले नाराज हो गए और उस पर शिकायत वापस लेकर सुलह करने का दबाव डाला गया। घबराए पप्पू ने गांव वालों की बात मान ली। सुलहनामे पर उसके दस्तखत करवाए गए।

आरोप है कि दस्तखत करने के बाद गांववालों ने बतौर सजा इन सभी 35 परिवारों को गांव से बेदखल किया। इनका आरोप है कि पुलिस ने इनकी सुनवाई नहीं की। पीड़ित पप्पू के मुताबिक मैं थाने में शिकायत दर्ज कराने गया। उसके बाद पुलिस आई और उसे ले गई। गांव के लोगों ने दबाव बनाया कि केस वापस ले लूं और समझौता कर लूं। मैंने वैसा ही किया। वहीं पीड़ित की पत्नी कौशल्या के मुताबिक पुलिस कुछ भी नहीं कर रही है।

वहीं प्रशासन ने मामले की जांच शुरू तो की मगर कार्रवाई के नाम पर अब भी कुछ नहीं किया गया। जाहिर है तमाम सरकारी दावों के बीच दलितों और कमजोर तबकों के खिलाफ अत्याचार जारी है और इनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है।

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