मुद्दा में इस बार महाराष्ट्र में क्या हैं लोकसभा चुनाव के मुद्दे, क्या विदर्भ के किसानों की सुनी जाएगी पुकार या चुनावी मुद्दा बनेगी विकास की बयार। परप्रांतियों का मुद्दा कितना असर डालेगा वोटों के गणित पर और क्या मतदान के वक्त सुनाई देगी मुंबई हमलों की गूंज। इस बहस में हिस्सा लिया शिवसेना नेता मनोहर जोशी, भाजपा नेता नीतीश गडकरी, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण और सपा नेता अबू आजमी ने। एंकरिंग संदीप चौधरी ने की।
संदीप- पहला सवाल चव्हाण साहब आपसे। आपकी सरकार है केंद्र में, आपकी सरकार है सूबे में और दो बार रह चुकी है। तो फिर से क्यों चुनें आपको?
संदीप- जोशी साहब आपको क्यों चुनें। पिछली बार आपका गठबंधन 25 सीट लेकर आया था। ज्यादा सीटें थीं आपकी लेकिन इस बार क्यों चुनें आपको सासंदों को?
मनोहर जोशी- लोगों का आजकल भरोसा नहीं है कि राजनीति के लोग चुन कर आने के बाद काम करते हैं। माई पार्टी इज पार्टी ऑफ एक्शन। लोग चाहते हैं कि जो कबूल करे वो पूरा करें। इसलिए पार्टी ने कभी मेनिफेस्टो को जाहिरनामा नहीं कहा वचननामा कहा। यानी जो वचन हम देंगे वो वचन हम निभाएंगे। कांग्रेस पार्टी का रोल 55 साल रहा इस देश में लेकिन मैं कई ऐसे गांव दिखाऊंगा जहां पीने के लिए पानी भी नहीं है। जहां जिंदा रहना मुश्किल है।
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