मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर से बीएसपी के लोकसभा उम्मीदवार हैं कादिर राणा। उन पर 9 संगीन मुकदमे दर्ज हैं। कोर्ट से पांच में बरी हो गए लेकिन चार मामले ऐसे हैं जो कादिर राणा की शख्सियत को बयां करने के लिए काफी हैं।
26 अक्टूबर, 2006 को मुजफ्फरनगर के ब्लॉक चेयरमैन मुजफ्फर राणा की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई। आरोप लगा कादिर राणा पर। तब कादिर राणा लोकदल से विधायक थे। इन्होंने सरेंडर किया और जेल की हवा खाई। आजकल जमानत पर रिहा हैं।
मुजफ्फर राणा के भतीजे मारूफ राणा कहते हैं कि कादिर राणा तो डॉन हैं। कादिर पर 2004 में मुजफ्फरनगर कोतवाली की चौकी फूंकने, डीएम की गाड़ी तोड़ने और पुलिसकर्मियों पर फायरिंग करने जैसे गंभीर आरोप हैं।
मुजफ्फरनगर के मौजूदा विधायक कादिर राणा मौके की नजाकत देख कर पार्टी बदलने में माहिर हैं। कांग्रेस, लोकदल, समाजवादी पार्टी के बाद अब कादिर राणा ने बीएसपी का दामन थामा है और लोकसभा के लिए अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
(IBNkhabar के मोबाइल वर्जन के लिए लॉगआन करें m.ibnkhabar.com पर!)








कमेंट्स
0