नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव में बीजेपी की करारी हार के बाद मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आखिर मान लिया है कि मंदी के दौर में जनता ने मनमोहन सिंह की अगुआई में स्थायी सरकार को चुना। शिवराज ने माना कि बीजेपी विकास और सुशासन के मुद्दे जनता तक अच्छे से नहीं पहुंचा पाई। आईबीएन 7 से खास बातचीत में जहरीली जुबां के लिए चर्चा में आये वरुण गांधी को मध्य प्रदेश में प्रचार करने से मना करने वाले बीजेपी के मुख्यमंत्री ने हार का पोस्टमार्टम किया है।
सवाल: मध्य प्रदेश में पार्टी 25 से 16 सीटों पर कैसे पहुंची?
शिवराज: निश्चित तौर पर सुरक्षा, सुशासन और विकास राष्ट्रीय स्तर पर भी बीजेपी का मुद्दा था। हमने अपनी बात जनता तक पहुंचाने की कोशिश की थी और मैं ये मानता हूं कि मध्य प्रदेश में कई अर्थों में ये बात पहुंची भी। लेकिन हम थोड़ी और जानकारी ले रहे हैं और विश्लेषण कर रहे हैं कि अपेक्षा के अनुरुप हम सीटें लाने में क्यों असफल रहे।
सवाल: शहरों में क्यों पिट गई बीजेपी?
शिवराज: ये हमारे लिए चिंता का विषय है। पार्टी की टीम बैठने वाली है और हम इस विषय पर चर्चा करेंगे कि विशेषकर जो बड़े शहर थे वहां पार्टी का प्रदर्शन क्यों ठीक नहीं रहा।
सवाल: बीजेपी की ओवरऑल हार का आप क्या कारण मानते हैं?
शिवराज: इन परिस्थितियों में जब हमारे देश में अनेकों संकट हैं। तालिबान हमारी सीमा पर आकर बैठा हुआ है। आर्थिक मंदी की मार हम लोग झेल रहे हैं। इस स्थिति में मजबूत सरकार की आवश्यकता थी। आप अगर देखें तो बीजेपी को ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है। 2004 में पार्टी को 138 सीटें मिली थीं और इस बार 116 सीटों के आसपास हैं। लेकिन कांग्रेस ने जो गेन किया है वो जो बाकी पार्टियां और क्षेत्रीय दल थे चाहे वो वामपंथी हो, चाहे वो बसपा जैसी पार्टी हो, चाहे वो और दूसरी पार्टी हो उनकी सीटें ज्यादा छिनी हैं।
सवाल:वरुण गांधी को आपने प्रदेश में प्रचार के लिए बैन किया हुआ था?
शिवराजः हमने किसी को बैन नहीं किया था। चुनाव की रणनीति जो बनाई थी उसके मुताबिक हमारे पास खुद पर्याप्त नेता थे इसलिए उन्हें बुलाने की जरूरत नहीं समझी गई।
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