नई दिल्ली। मनमोहन सिंह ने रच दिया है इतिहास। जवाहर लाल नेहरू के बाद वे दूसरे ऐसे प्रधानमंत्री बन गए हैं जिन्होंने पांच साल पीएम रहने के बाद एक बार फिर पीएम पद की शपथ ली है। पीएम के रूप में अपनी दूसरी पारी के लिए मनमोहन की टीम-20 ने शुक्रवार की शाम राष्ट्रपति भवन में शपथ ली। एक सादे समारोह में राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने मनमोहन और उनके 19 कैबिनेट मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
इनमें प्रणब मुखर्जी, ए के एंटनी, पी चिदंबरम, ममता बनर्जी, शरद पवार, एसएम कृष्णा, गुलाम नबी आजाद, सुशील कुमार शिंदे, वीरप्पा मोइली, जयपाल रेड्डी, कमलनाथ, व्यालार रवि, मीरा कुमार, कपिल सिब्बल, अंबिका सोनी, बीके हांडनिक, आनंद शर्मा, मुरली देवड़ा और सीपी जोशी शामिल हैं। इसके अलावा 5 मंत्रियों को मंगलवार को शपथ दिलाई जाएगी। जिनमें ज्योतिरादित्ये सिंधिया, सलमान खुर्शीद, जतिन प्रसाद, जयराम रमेश और फारूक अब्दुल्ला शामिल हैं।
पीएम के बाद प्रणब मुखर्जी ने शपथ ली। उसके बाद शरद पवार ने हिंदी में शपथ ली। इसके बाद ए के एंटनी का नंबर आया। पुरानी सरकार में एचआरडी मिनिस्टर रहे अर्जुन सिंह का मंत्रिमंडल से पत्ता कट गया है। साथ ही जेएमएम प्रमुख शिबू सोरेन को भी मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया गया है। कानून मंत्री रहे हंसराज भारद्वाज और शीशराम ओला के भी मंत्री बनने की संभावना नहीं है। मुंबई धमाकों के मामले में विवादास्पद बयान देकर हंगामा खड़ा करने वाले अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री रहे ए आर अंतुले लोकसभा चुनाव ही हार गए जिससे कांग्रेस को उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल न करने का बहाना भी मिल गया।
पेशे से मनोविज्ञान के प्रोफेसर सी. पी. जोशी पहली बार केंद्र सरकार में मंत्री बनने की तैयारी में हैं। ममता बनर्जी की पांच साल बाद मंत्रिमंडल में वापसी हुई है। इससे पहले वे अटल सरकार में रेलमंत्री थीं।
शपथ ग्रहण समारोह में सबकी नजर इस बात पर लगी थी कि डीएमके के सांसद उसमें शामिल होंगे या नहीं। लेकिन पार्टी की ओर से कोई भी समारोह में शामिल होने नहीं आया।
समारोह में मनमोहन सिंह का पूरा परिवार और रिश्तेदार मौजूद थे। अंतरराष्ट्रीय मीडिया की उत्सुकता उनके परिवार के सदस्यों में काफी ज्यादा थी।
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