नई दिल्ली। कई बार ऐसा होता है कि आप कोई सेकेंड हैंड कार लेने जाते हैं और उसकी बाहरी खूबसूरती को देखकर इतने आकर्षित हो जाते हैं कि आप उसकी अंदरूनी चीजों पर ध्यान ही नहीं देते। और बाद में आपको वही सारी चीजें परेशान करती हैं। हम इन्हीं परेशानियों का हल ले कर आए हैं। हम आपको उन तमाम जानकारियों के बारे में बताएंगे जो आपको सेकेंड हैंड कार लेने में मदद करेगी।
सेकेंड हैंड कार तो आपने पसंद कर ली है लेकिन कुछ चीजें आप जांच कर अच्छी गाड़ी खरीद सकते हैं। जैसे आप ये देखें की कार में कोई एक्सीडेट वगैरह तो नहीं हुआ है। इसकी पहचान कैसे करें। तो कार में किये गये कलर, चारों दरवाजे खोल-बंद कर देखें की क्या सही फिट बैठ रहा है या नहीं। बोनट और डिकी खोल कर देखें कहीं कुछ बॉडी वर्क तो नहीं किया गया है। चारों टायर एक समान हैं या नहीं या फिर रिम से पता चल जाता है कि कार को लापरवाही से चलाया गया है।
इसके बाद इंजन ध्यान से देखें कहीं कोई ऑयल लीक तो नहीं हो रहा है। बैटरी किस कंपनी की है कंपनी फिटेड है या दूसरी। सबसे अहम बात इंजन पर लिखे गये नंबर को RC बुक में लिखे गये नंबर से मिलान कर लें। कार कितनी चली हुई है इसका पता कभी-कभी स्पीडो मीटर से नहीं चलता क्योंकि मीटर के साथ छेड़छाड़ किया हुआ होता है। इसके लिए गियर के नॉब, स्टेरिंग व्हील और क्लच और ब्रेक पैडल को गौर से देखें। अगर ज्यादा घिसा हुआ है तो इसका मतलब कार स्पीडो मीटर में दिखाए गये किमी से ज्यादा चला हुआ है। कार के लाइट और सारे इंस्ट्रुमेंट पैनल को ऑन ऑफ करके देख लें की सही काम कर रहा हैं या नहीं।
इसके बाद सबसे अहम बात कार की पेपर वर्क। इसके लिए कार का RC बुक की जांच करें। जिसमें कार की इंजन और चेसिस नंबर का RC बुक से मिलान करें। कार की इंश्योरेंस पेपर। कार सर्विस बुक मेंटेन है या नहीं। कार मैनुअल। अगर कार किसी दूसरे स्टेट का है तो उसका NOC पेपर की जांच करलें। इसके साथ ही आप RTO से पता करलें कि कार किसका है। कहीं कार चोरी का तो नहीं या इस कार पर कोई पुलिस केस तो नहीं है।
इन सारी सावधनियों को ध्यान में रखकर आप एक अच्छी सेकेंड हैंड कार की डील कर सकते हैं।








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