नई दिल्ली। कई दिनों की मशक्कत और फजीहत के बाद आखिरकार बुधवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अपने कैबिनेट की लिस्ट पर मोहर लगा दी। यूपीए सरकार के जंबो मंत्रिमंडल में कुल 78 मंत्री होंगे। गुरुवार की सुबह ये मंत्री शपथ लेंगे। कैबिनेट को फाइनल टच देते हुए मनमोहन ने चार फार्मूलों पर अमल किया है लेकिन नारा सिर्फ एक ही था युवाओं को मौका तो बूढ़ों को नमस्कार। इस मंत्रिमंडल की खासियत ये है कि इसमें 9 पूर्व मुख्यमंत्री शामिल हैं। यानि ढेर सारे भारी भरकम चेहरे।
पहला फार्मूला-हर क्षेत्र की नुमाइंदगी
कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती थी जिन इलाकों में जीते उन्हें नुमाइंदगी देना। कांग्रेस ने कमोबेश ये संतुलन साध लिया है। आंध्र प्रदेश से सबसे ज्यादा 34 सांसद जीते तो मंत्रिमंडल में आंध्र कोटे से सबसे ज्यादा मंत्री हैं। इनमें कैबिनेट मंत्री जयपाल रेड्डी, राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार जयराम रमेश, वी नारायण सामी और डी. पुरंदेश्वरी समेत कुल 6 नाम हैं।
कर्नाटक में पार्टी को उम्मीद के मुताबिक जीत भले नहीं मिली। लेकिन कार्यकर्ताओं को उत्साहित करने के लिये मनमोहन सिंह ने वहां के सभी दिग्गजों को मंत्री बनाया। एसएम कृष्णा, वीरप्पा मोइली और दलित नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, सभी वहीं के हैं।
महाराष्ट्र में पार्टी का प्रदर्शन अच्छा है। विधानसभा चुनाव करीब हैं लिहाजा महाराष्ट्र को भी अच्छा प्रतिनिधित्व मिला है। हालांकि नामों पर वहां अब भी चूं चपड़ मच सकती है।
उत्तर प्रदेश के पांच सांसदों को मंत्री बनाकर वहां भी एक संदेश देने की कोशिश की गयी है। हालांकि यहां से सभी राज्यमंत्री ही हैं। लेकिन माया को खुश रखने के लिए पी एल पुनिया और मुलायम को खुश रखने के लिए बेनी प्रसाद वर्मा को मंत्री नहीं बनाया गया।
युवाओं को तरजीह
मनमोहन सिंह की कैबिनेट में इस बार युवा अच्छी खासी तादाद में दिखेंगे। ज्योतिरादित्य सिंधिया,सचिन पायलट, जितिन प्रसाद, तुषार चौधरी, आरपीएन सिंह, अजय माकन, अरुण यादव, शशि थरूर समेत और कई युवा चेहरों को मनमोहन सरकार में मंत्री बनाया गया है। माना जा रहा है कि ये राहुल की सोच है ताकि युवाओं को सीधे कांग्रेस से जोड़ा जा सके।
दागियों से तौबा
इस बार का मंत्रिमंडल दागियों से दूर होगा। शिबू सोरेन तमाम कोशिशों के बावजूद केन्द्रीय मंत्रिमंडल में जगह नहीं पा सके। लालू यादव और उनकी पार्टी के तस्लीमुद्दीन, जयप्रकाश यादव जैसे नेताओं से इस बार कांग्रेस ने तौबा कर ली है। मतलब इस सरकार को अब ये नहीं सुनना पड़ेगा कि उसने दागियों को मंत्रिमंडल में जगह दी है। हालांकि डीएमके के ए राजा और अझगिरी पर उंगलियां उठ सकती हैं।
बूढ़ों को नमस्कार
हालांकि मनमोहन खुद 77 साल के हैं लेकिन उन्होंने ज्यादातर उम्रदराज नेताओं की अपनी कैबिनेट से छुट्टी कर दी है। मसलन 10 जनपथ के करीबी अर्जुन सिंह, राजस्थान के जाट नेता शीश राम ओला, गांधी परिवार के एक और करीबी हंसराज भारद्वाज और महाराष्ट्र के दिग्गज नेता सुशील कुमार शिंदे को मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली। संदेश साफ है कांग्रेस आगे की ओर देखना चाहती है।
गुलाम नबी आजाद, फारूक अब्दुल्ला और सलमान खुर्शीद इस बार यूपीए सरकार के मुस्लिम चेहरे होंगे। कुल मिलाकर ये कोशिश की गयी है कि मनमोहन का जंबो मंत्रिमंडल सबको खुश रख सके। गुरुवार को शपथ लेने वाले मंत्री निम्न हैं।
कैबिनेट मंत्री 1.वीरभद्र सिंह 2.विलासराव देशमुख 3.फारूक अब्दुल्ला 4. दयानिधि मारन 5.ए राजा 6. मल्लिकार्जुन खड़गे 7. कुमारी शैलजा 8. सुबोध कांत सहाय 9. एम एस गिल 10. जे के वासन 11. पवन कुमार बंसल 12. मुकुल वासनिक 13. कांतिलाल भूरिया 14. एम के अलागिरि
स्वतंत्र प्रभार 1. प्रफुल्ल पटेल 2. पृथ्वीराज चौहान 3. श्रीप्रकाश जायसवाल 4. सलमान खुर्शीद 5. दिनशा पटेल 6. जयराम रमेश 7. कृष्णा तीरथ
राज्य मंत्री 1. ई अहमद 2. वी नारायणस्वामी 3. श्रीकांत जेना 4. एम रामाचंद्रन 5. डी पुण्डेश्वरी 6. पनाबाका लक्ष्मी 7. अजय माकन 8. के एच मुनियप्पा 9. नमो नरायण मीणा 10. ज्योतिरादित्य सिंधिया 11. जितिन प्रसाद 12. ए साई प्रताप 13. गुरुदास कामत 14. एम एम पल्लम राजू 15. महादेव खंडेला 16. हरीश रावत 17. के वी थामस 18. सुजाता राय 19. दिनेश त्रिवेदी 20. शिशिर अधिकारी 21. सुलतान अहमद 22. मुकुल राव 23. मोहन जटुआ 24. एस एस पलानी मणिक्कम
25. डी नेपोलियन 26. एस जगतरक्षण 27. एस गांधीसेलवन 28. प्रनीत कौर 29. सचिन पायलट 30. शशि थरूर 31. भारतसिंह सोलंकी 32. तुषारभाई चौधरी 33. अरुण यादव 34. प्रतीक प्रकाशबापू पाटिल 35. आऱ पी एन सिंह 36. विनसेंट पाला 37. प्रदीप जैन 38. अगाथा संगमा
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