हैदराबाद। लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी को पार्टी से निष्कासित करने के एक दिन बाद मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव प्रकाश करात ने कहा है कि उनकी पार्टी के पास चटर्जी को निष्कासित करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था। करात ने कहा है कि चटर्जी चाहें तो अपने निष्कासन के खिलाफ पार्टी की अनुशासन समिति में अपील कर सकते हैं।
करात ने चटर्जी से उस टेप को सार्वजनिक करने की मांग की है जो भारतीय जनता पार्टी के तीन सांसदों को रिश्वत दिए जाने के आरोपों के मद्देनजर सबूत के रूप में उन्हें सौंपा गया है। उधर चटर्जी ने तीनों सांसदों से लिखित शिकायत दर्ज कराने को कहा है।
करात ने कहा कि चटर्जी का निष्कासन दुर्भाग्यपूर्ण है। लेकिन हमने पहले ही कहा था कि लोकसभा अध्यक्ष के पद पर बने रहने या न बने रहने का फैसला चटर्जी पर निर्भर है, लेकिन वे पार्टी में रहेंगे या नहीं रहेंगे इसका फैसला तो पार्टी ही करेगी।
उन्होंने कहा कि नौ जुलाई 2008 से हम विपक्ष की भूमिका में आ गए। 19 और 20 जुलाई को पार्टी की केंद्रीय समिति की बैठक में तय हुआ कि पार्टी का कोई सदस्य लोकसभा अध्यक्ष नहीं रहेगा।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय समिति के फैसले से हमने चटर्जी को अवगत करा दिया था। लेकिन वे पद नहीं छोड़ना चाहते थे। पार्टी ने फैसला लेने के लिए मुझे अधिकृत किया था। चूंकि संसद का विशेष सत्र चल रहा था इसलिए हमने उस वक्त कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की।
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