नई दिल्ली। इंफोसिस के को-फाउंडर, नंदन नीलेकणि इंफोसिस के बोर्ड से इस्तीफा देंगे। 54 साल के नंदन निलेकणि को यूनीक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी का प्रमुख बनाया गया है। नीलेकणि का पद कैबिनेट मंत्री के दर्जे का होगा। यूनीक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी के पास देश के सभी नागरिकों को नेशनल ID कार्ड देने की जिम्मेदारी होगी। साथ ही, यूनीक आइडेंटिटी अथॉरिटी फॉर इंडिया योजना आयोग के तहत काम करेगी।
क्या है यूनीक आइडेंटिफिकेशन?
यूनीक आइडेंटिफिकेशन प्रोग्राम के तहत देश के सभी नागरिकों को नेशनल ID कार्ड दिया जाएगा। यूनीक आइडेंटिफिकेशन नंबर एक ऐसा नंबर होगा जो आपके भारत के नागरिक होने का सबसे बड़ा सबूत होगा। इसके लिए सरकार आपको एक खास आइडेंटिफिकेशन कार्ड देगी जिसमें आपकी फोटो और आपके अंगूठे का निशान या दूसरा बायोमेट्रिक डाटा होगा जिससे आपकी पहचान सुरक्षित रहेगी।
UID नंबर से पब्लिक को फायदा
ये नंबर खुद भारत सरकार आपको देगी। और इसके बाद आपको मतदाता पहचान पत्र, राशन कार्ड, पैन कार्ड जैसे कार्ड्स रखने की जरूरत नहीं रहेगी। मसलन बैंक अकाउंट खुलवाने, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस और मतदाता पहचान पत्र बनवाने में सहूलियत होगी। अक्सर ऐसे काम के लिए पहचान पत्र मांगा जाता है जिसके लिए काफी भागदौड़ करनी पड़ती है और काम भी देरी से होता है।
कार्ड के जरिए ई गवर्नेंस आसान होगा क्योंकि किसी भी नागरिक का ऑनलाइन वेरिफिकेशन आसानी से किया जा सकेगा। इससे बैंक, टेलीकॉम कंपनियां जिनके लिए know your client जैसे नियम हैं उन्हें अपने ग्राहक की जानकारी जुटाने में और आसानी होगी।
UID नंबर से सरकार को फायदा
इस खास कार्ड से सरकार का काम काफी आसान हो जाएगा। सरकार की कोशिश है कि इस कार्यक्रम के जरिए देश के हर नागरिक के जन्म से लेकर मृत्यु तक शादी, पासपोर्ट, बैंक अकाउंट , राशन कार्ड जैसी सभी जानकारियां एक जगह रहे। ताकि किसी भी दफ्तर को अगर किसी नागरिक की जानकारी चाहिए तो उसे ये एक जगह से मिल सके।
इससे भविष्य में डेटाबेस में बदलाव करना भी आसान रहेगा। यानि, कार्ड के जरिए ई गवर्नेंस आसान होगा क्योंकि किसी भी नागरिक का ऑनलाइन वेरिफिकेशन आसानी से किया जा सकेगा। दूसरा, इसके लागू होने से ब्लैक मनी पर भी रोक लग जाएगी। साथ ही, नकली राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस बंद हो जाएंगे और इससे सिस्टम में फैला भ्रष्टाचार कम हो सकेगा। वहीं, सरकार ये भी सुनिश्चित कर सकेगी कि उसकी NREGA जैसी फ्लैगशिप योजनाओं का फायदा आम लोगों तक पहुंच रहा है या नहीं। वहीं, कार्ड के बाद सरकारी एजेसियों के बीच तालमेल आसान हो जाएगा।
कैसे जारी होगा UIN?
शुरूआत में UIN यानि यूनीक आइडेंटिफिकेशन नंबर उन लोगों को मिलेगा जिनके नाम मतदाता सूची में दर्ज हैं। बाद में अट्ठारह साल से कम उम्र के लोगों को भी ये नंबर मिलेगा। सरकार की कोशिश है कि अगले साल की शुरुआत तक नागरिकों को ये नंबर देना शुरू कर दिया जाए।
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