कोलकाता। पश्चिम बंगाल की वाम मोर्चा सरकार ने गुरुवार को संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार द्वारा शैक्षिक सुधार के खींचे गए खाके की आलोचना की है। वाम मोर्चा सरकार ने कहा है कि इस खाके का लक्ष्य शिक्षा व्यवस्था का केंद्रीयकरण और निजीकरण करना है।
राज्य के माध्यमिक शिक्षा मंत्री पार्थ डे ने कहा कि देश भर में 12वीं की परीक्षा के लिए एक बोर्ड की व्यवस्था सारे मामले को पूरी तरह केंद्रीकृत बना देगी।
डे ने यहां संवाददाताओं से कहा कि सिब्बल ने जिन सभी उपायों को पेश किया है, उनमें से ज्यादातर शिक्षा के पूर्ण निजीकरण का रास्ता दिखाते हैं। इसके कारण शिक्षा सामान्य परिवारों के छात्रों की पहुंच से दूर हो जाएगी।
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