वो दिन लद गए जब क्लास में नोट्स पास किए जाते थे। अब नए जमाने में स्कूल लड़के-लड़कियां बेधड़क मोबाइल फोन से टेक्स्ट मैसेज से बातें करते हैं।
हालांकि सेलफोन आज की मोबाइल सोसाइटी में कम्यूनिकेशन के लिए बेहद जरूरी हथियार बन चुका है। लेकिन, साथ ही स्कूली बच्चों पर इसका नाकारात्मक असर भी पड़ रहा है। मोबाइल ने बच्चों को “सेक्सटिंग” करने का नया औजार मुहैया करा दिया है।
नए जमाने के बच्चों पर नाकारात्मक प्रभाव डालने वाले सेल फोन से इन दिनों माता-पिता बेहद परेशान हैं। ऐसे में बच्चों द्वारा मोबाइल से भेजी जा रही नंगी तस्वीरें, वीडियो और दूसरी अश्लील हरकतों ने शिक्षाविदों, कानून के जानकारों और दूसरे अधिकारियों को लगाम कसने पर विचार करने को मजबूर दिया है।
द टेलीग्राफ डॉट कॉम के मुताबिक अमेरिका में इसे लेकर काफी चिंता जताई जा रही है। वहां पर किए गए ताजा कानूनी संशोधन के मुताबिक सेक्सटिंग करने वाले 18 साल से कम उम्र के छात्रों पर चाइल्ड पोर्नोग्राफी का केस दर्ज किया जा सकता है। इसके अलावा उन्हें सेक्स के जुर्म में आजीवन सजा भी काटनी पड़ सकती है।
इसी क्रम में ओरलैंडो के 19 साल के फिलिप अलपर्ट द्वारा अपनी 16 वर्षीय गर्लफेंड को न्यूड तस्वीरों भेजने के आरोप में सेक्टिंग और पोर्नोग्राफी का मामला दर्ज किया गया है। जिसके लिए उसे 5 साल की सजा भी हुई।
जिसके बाद फिलिप को सेक्सटिंग के जुर्म में कॉलेज ने भी निकाल दिया और बाहर कोई नौकरी देने को भी तैयार नहीं है।
लाइफस्टाइल की अन्य खबरों के लिए यहां क्लिक करें।












कमेंट्स
0