नई दिल्ली। आईआईटी और आईआईएम की तैयारी के नाम पर करोड़ों की कमाई लेकिन टैक्स बचाने के लिए खातों का खुलासा नहीं। ये कहानी है देश भर में चल रहे कोचिंग इंस्टीट्यूट का। ये सच सामने आया है ऐसोचैम की ताजा रिपोर्ट में। एसोचैम की मानें तो दस हजार करोड़ का सालाना बिजनेस कर रही एजुकेशन इंडस्ट्री इनकम टैक्स और सर्विस टैक्स की जमकर चोरी कर रही है।
कोचिंग सेंटर्स अपनी असली कमाई का खुलासा करते ही नहीं। ऐसे कोचिंग सेंटर्स की तादाद 100 से ज्यादा है जो एडमिशन फीस की रसीद तक नहीं देते। एसोचैम ने अपनी ये रिपोर्ट वित्त मंत्रालय को भी भेजी है। बताया है कि कोचिंग सेंटर्स जरूरत से ज्यादा फीस वसूल रहे हैं। इनकी अंधाधुंध कमाई को देखते हुए इनसे इनकम टैक्स भी वसूला जाना चाहिए।
हालांकि कोचिंग इंस्टीट्यूट चलाने वालों का दावा है कि वो नियम के मुताबिक टैक्स देते हैं। कोचिंग सेंटर्स से सरकार केवल सर्विस टैक्स वसूलती है क्योंकि अब तक इन्हें स्कूलों और अस्पतालों की तरह ही 'नो प्रॉफिट' बिजनेस माना जाता रहा है। यह रिपोर्ट अब सरकार के लिए एक चुनौती है कि सरकार इसका पता लगाए कि यह सेंटर अब तक कितना पैसा डकार चुके हैं।
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