लखनऊ। विश्व बैंक ने उत्तर प्रदेश में भूमि सुधार के लिए एक हजार तीन सौ बत्तीस करोड़ रुपए की परियोजना को अपनी स्वीकृत दे दी है। यह जानकारी मुख्यमंत्री मायावती ने दी।
उन्होंने बताया कि विश्वबैंक ने गत 30 जून को वॉशिंगटन में हुई अपने निदेशक मण्डल की एक उच्च स्तरीय बैठक में उत्तर प्रदेश के 1.35 लाख हेक्टेयर ऊसर एवं बीहड़ भूमि के सुधार के लिए 1332 करोड़ रुपए की परियोजना की स्वीकृत प्रदान की है।
इस परियोजना से 93 प्रतिशत लघु एवं सीमान्त, 30 प्रतिशत अनुसूचित जाति एवं 47 प्रतिशत अन्य पिछडे वर्ग के कृषक लाभान्वित होंगे। इसके क्रियान्वित होने से प्रदेश केसी श्रेणी के ऊसर क्षेत्रों में धान व गेहूं की उत्पादकता जो शून्य है। वह बढ़कर लगभग 35 कुन्तल व 30 कुन्तल प्रति हेक्टेयर हो जाएगी।
उन्होंने बताया कि इस परियोजना से जहां एक ओर प्रदेश के गरीब कृषक लाभान्वित होंगे। वहीं दूसरी ओर प्रदेश की खाद्यान्न सुरक्षा में भी काफी वृद्धि होगी। परियोजना से ग्रामीण क्षेत्रों के आर्थिक एवं सामाजिक रूप से कमजोर वर्ग के लोग महिलाएं तथा भूमिहीन, लघु एवं सीमान्त किसान मुख्य रूप से लाभान्वित होंगे।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश भूमि सुधार निगम द्वारा इस परियोजना को 6 सालों में राज्य के 25 ऊसर बाहुल जनपदों में क्रियान्वित किया जाएगा। जिससे लगभग 2.40 लाख कृषकों की 1.35 लाख हेक्टेयर भूमि का सुधार होगा।
गौरतलब है कि विश्वबैंक द्वारा आठ साल के अन्तराल के बाद उत्तर प्रदेश के लिए कोई परियोजना स्वीकृत की गई है।
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