नई दिल्ली। रेल मंत्री ममता बनर्जी ने आज 2009-10 के रेल बजट में दिल्ली से देश के बारह स्थानों के लिए नॉन स्टाप चलने वाली ‘दूरांत एक्सप्रेस’ चलाने और असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए इज्जत स्कीम के तहत 25 रूपये का मासिक टिकट देने की आज घोषणा की। जबकि किराया नहीं बढ़ने से मुसाफिरों ने राहत की सांस ली।
रेलवे में मनोरंजन, स्वच्छता और सुरक्षा के नए शुरुआत करने का वादा करते हुए उन्होंने पांच हजार से अधिक डाकघरों पर कंप्यूटरीकृत रेल टिकट उपलब्ध कराने की घोषणा के साथ रेलवे को आम आदमी के दरवाजे पर ला खड़ा किया।
रेलवे के आधुनिकीकरण पर भी ममता की पैनी निगाह रही और उन्होंने फाइबर ऑप्टिक केबल परियोजना के लिए कंप्यूटर विजार्ड सैम पित्रोदा के नेतृत्व में विशेषज्ञ समिति बनाने का प्रस्ताव किया।
एक अन्य विशेषज्ञ समिति विभिन्न समर्पित रेल माल ढुलाई कोरिडोर बनाने के लिए गठित की गई।
रेल बजट में बहुद्देश्यीय परिसर भी बनाने का प्रस्ताव किया है जिसके तहत करीब 50 स्टेशनों को शानदार परिसरों में बदला जाएगा।
बजट में राजधानी ट्रेनों में सफर के दौरान एन्फोटेन्मेंट सेवाएं देने का वादा किया गया। उन्होंने कहा कि लम्बी दूरी की रेलों में कम से कम एक डाक्टर की व्यवस्था की जाएगी और खानपान सुविधाओं को बेहतर बनाया जाएगा।
देश में 12 दूरांत एक्सप्रेस चलाने को एक जन्म में एक बार होने वाला काम बताते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि ये ट्रेनें एक स्थान से दूसरे स्थान नान स्टाप चलेंगी।
उन्होंने कहा कि रेलवे में आर्थिक रूप से पिछड़े हुए लोगों और अल्पसंख्यकों को समुचित प्रतिनिधित्व देने का वादा करते हुए उन्होंने कहा कि विकलांगों के लिए भी विशेष भर्ती अभियान चलाया जाएगा।
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