लखनऊ। उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने आज संसद में पेश किए गए वर्ष 2009-10 के लिए वार्षिक आर्थिक सर्वेक्षण को जमीनी हकीकत से दूर और झूठे आकड़ों का पुलिन्दा बताया और कहा कि इसके माध्यम से देश की गरीब जनता के साथ एक भद्दा मजाक किया गया है।
मायावती ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि केन्द्र की सत्ता में बैठे लोग गलत बयानी कर रहे हैं। उन्होंने आर्थिक सर्वेक्षण में दिये गये सुझावों को बेहद खतरनाक और जन विरोधी बताया और कहा कि इससे देश में गरीबी और बेराजगारी बढ़ेगी। इसके साथ ही आर्थिक सर्वेक्षण में दिये गये सुझाव पूंजीपतियों और धन्नासेठों की पूरी तरह हिमायत करने वाले हैं।
उन्होंने कहा कि फरवरी 2009 में केन्द्र सरकार द्वारा यह बताया गया था कि देश की आर्थिक विकास दर 07 प्रतिशत होगी जबकि सर्वे में विकास दर 6.01 प्रतिशत रह जाना बताया गया है।
उन्होंने कहा कि आर्थिक सर्वेक्षण से यह बात पूरी तरह साफ हो गई कि देश की अर्थ व्यवस्था के सभी क्षेत्रों के विकास दर में गिरावट आई है। यह गिरावट कांग्रेस पार्टी व नेतृत्व वाली यूपीए सरकार की गलत नीतियों का ही नतीजा है।
उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार की गलत नीतियों के कारण ही देश में बेरोजगारों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है और इस बात को आर्थिक सर्वेक्षण में भी स्वीकार किया गया है1 सर्वेक्षण के अनुसार मात्र एक माह में ही एक लाख से अधिक लोग बेरोजगार हो गए।
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