मुंबई। ममता के रेल बजट से मुंबई नाराज है। मुंबई को शिकायत है कि ममता ने अपने बजट में महाराष्ट्र का ख्याल नहीं रखा। महाराष्ट्र बीजेपी के नेता तो शिकायत कर ही रहे हैं राज्य में खुद कांग्रेस के मुख्यमंत्री ने इसे अपर्याप्त बता दिया है। सहयोगी एनसीपी भी ममता की मेल से नाखुश है।
प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण ने कहा है कि रेल बजट महाराष्ट्र के लिए थोड़ी खुशी-थोड़ा गम वाला है। मैं इस मुद्दे पर रेलमंत्री से चर्चा करूंगा। शरद पवार की बेटी और सांसद सुप्रिया सुले को भी शिकायत है कि महाराष्ट्र को कुछ खास नहीं मिला। एनसीपी की दिक्कत ये है कि ममता के इस बजट के सहारे चुनावी साल में वोटर का सामना कैसे होगा।
हालांकि ममता ने महाराष्ट्र के तीन बड़े रेलवे स्टेशनों को अंतरराष्ट्रीय दर्जा देने की बात कही है। मुंबई का छत्रपति शिवाजी टर्मिनस, पुणे और नागपुर के स्टेशन वर्ल्ड क्लास बनाए जाएंगे। लेकिन आम मुंबईकर की तमाम उम्मीदें धरी रह गईं। शुरुआत में बजट की तारीफ कर रही सुप्रिया सुले ने बाद में इस बजट से नाखुशी जाहिर कर दी।
मुंबई के नेताओं की शिकायत ये है कि अपने बजट में ममता मुंबई को भूल गईं। इस बजट में ना तो मुंबई लोकल का जिक्र है और ना ही मुंबईवासियों की सुरक्षा का। मुंबई में हर रोज 65 लाख यात्री लोकल ट्रेन से यातायात करते हैं। यात्रियों की मांग थी कि इस बार ट्रेनों की संख्या बढ़ाई जाए। साथ ही 12 डिब्बों की बजाय 15 डिब्बों की रेल कई रूट्स पर चलाई जाएं। महाराष्ट्र में विपक्ष ने इस बजट को आड़े हाथों लिया है।
ममता के रेल बजट में महाराष्ट्र के ग्रामीण इलाकों की रेल लाइनों के बारे में भी ज्यादा जिक्र नहीं है। विपक्ष आरोप लगा रहा है कि भरपूर राजस्व देने वाले इस क्षेत्र को फिर से नजर अंदाज किया गया है। एनसीपी का तो बेस ही महाराष्ट्र है लिहाजा उसे डर है कि कहीं कांग्रेस के साथ इसका खामियाजा उसे न भुगतना पड़ जाए।
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