रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह का कहना है कि राज्य में नक्सली वन व्यापारियों, परिवहन मालिकों और लौह अयस्क खनन कंपनियों से हर साल 300 करोड़ रुपये की जबरन वसूली करते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सली हर साल 250 से 300 करोड़ रुपये की उगाही करते हैं। वे जबरन वसूली का कारोबार बस्तर क्षेत्र के उत्तरी सर्गुजा जिले से करते हैं। सिंह ने कहा कि नक्सली 'तेंदु' की पत्ती के कारोबारी, लौह अयस्क खनन कंपनियों, छोटे और बड़े ठेकेदारों से उगाही करते हैं।
उन्होंने कहा कि व्यापारी, उद्योगपति, ठेकेदार और अन्य लोग जो नक्सलियों को फिरौती देते हैं, वे डर की वजह से और अपने कारोबारी हितों के मद्देनजर पुलिस को इसकी सूचना नहीं देते। मुख्यमंत्री ने कहा कि सर्गुजा क्षेत्र में नक्सली लोगों से भी जबरन वसूली करते हैं। सगुर्जा ऐसा क्षेत्र है जहां बड़े पैमाने पर कोयला की खदाने हैं।
सिंह ने केंद्र सरकार के उस फैसले की सराहना की जिसमें उसने 22 जून को नक्सली संगठन भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी (माओवादी) को आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया था। उन्होंने कहा-नक्सलियों से निपटने के मसले पर राज्य सरकार और केंद्र में कोई मतभेद नहीं है। हम दोनों इससे दृढ़तापूर्वक और निर्णायक ढंग से लड़ना चाहते हैं।
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