लंदन। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने मांग की है कि पूर्व राष्ट्रपति जनरल परवेज मुशर्रफ पर देश के विरुद्ध किए गए गंभीर अपराधों के लिये मुकदमा चलाया जाए।
शरीफ ने आरोप लगाया कि जनरल मुशर्रफ पाकिस्तान में अपने अनिश्चित भविष्य के डर से लंदन को अपना स्थाई निवास बना लिया है। उन्होंने कहा कि जनरल मुशर्रफ के पाकिस्तान के खिलाफ किए गए अपराध अत्यंत गंभीर हैं जिससे उनके पास देश से बाहर रहने के अलावा और कोई चारा नहीं है। शरीफ ने दावा किया कि बलूचिस्तान (पाकिस्तान) में आतंकवाद और ड्रोन हमले जनरल मुशर्रफ के कार्यकाल की विरासत हैं।
उन्होंने वर्तमान पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी की सरकार से अनुरोध किया कि वह देश को लोकतंत्र की राह पर ले जाने के लिये शहीद बेनजीर भुट्टो के साथ हस्ताक्षर किए गए चार्टर ऑफ डेमोक्रेसी पर फिर से ध्यान दे। उन्होंने कहा कि इसको लागू करके दोनों पार्टियां वह प्राप्त कर सकती हैं जो पिछले साठ साल में भी प्राप्त नहीं हुआ था।
शरीफ ने कहा कि चुनाव के दौरान चार्टर ऑफ डेमोक्रेसी घोषणा पत्र का हिस्सा था किंतु अब इसका महत्व कागज के एक टुकड़े से ज्यादा नहीं है।
अभी भी आतंक के साये में जी रहा है रेहान अयोध्या। अयोध्या में विवादित रामजन्म भूमि में आंतकवादी हमले के चार साल बीत जाने के बाद रेहान आज भी आतंक और मुफलिसी के साए में जीने को मजबूर है।
रेहान की जीप से ही पांचों आतंकवादी फैजाबाद से अयोध्या पंहुचे थे। उस समय जीप वही चला रहा था। उसकी जान तो आतंकवादियों ने बख्श दी थी लेकिन उसकी जीप को विस्फोटकों से उड़ा दिया था।
आतंकी हमले के बाद रेहान 22 दिन पुलिस हिरासत में रहा। उससे कई दौर में पूछताछ हुई। देश की शायद ही कोई खुफिया संगठन हो जिसने रेहान से पूछताछ न की हो।
उन दिनों को याद कर वह सिहर उठता है। वह बताता है कि पहले झटके में तो पुलिस ने उसे जमकर पीटा लेकिन बाद में तत्कालीन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के हस्तक्षेप से उसकी पिटाई बन्द हो गई। वह 22 दिनों तक पुलिस हिरासत में रहा। इस दौरान उससे पूछताछ तो जमकर हुई लेकिन थर्ड डिग्री का इस्तेमाल नहीं किया गया। वह कहता है कि उन 22 दिनों को उसने कैसे काटा यह वही जान सकता है।
उसने बताया कि आतंकी हमले में उसकी जीप के परखचे उड़ गए थे लेकिन बीमा कंपनी से उसे एक पैसा भी आज तक नहीं मिला। कंपनी वालों का कहना है कि पहले गाड़ी रिलीज कराकर लाओ फिर पैसे मिलेंगे।
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