जहांगीराबाद, रायबरेली। आमतौर पर परंपरा यही है कि दूल्हा घोड़ी पर सवार होकर दुल्हन के घर बारात लेकर पहुंचता है। परंतु एक गांव ऐसा भी है जहां इसके ठीक उलट होता है।
उत्तर प्रदेश में रायबरेली जिले का जहांगीराबाद गांव है जहां दूल्हा दुल्हन के बारात लेकर आने का इंतजार करता है। यहां दुल्हन पगड़ी पहनकर सफेद घोड़ी पर बैठती है।
यहां के निवासी शिवकुमार की बेटी मंजू ने भी इसी परंपरा के अनुसार शादी की। शिवकुमार ने कहा कि यह एक अनूठी परंपरा है जिसे गांव के लोग जातियों के बंधन से ऊपर उठकर निभाते हैं।
उन्होंने बताया कि मेरी 21 वर्षीय बेटी मंजू की शादी हुई और वह सफेद घोड़ी पर बैठी और उसकी बारात निकट के गांव उमराय गई जहां दूल्हे का घर है।
इस गांव के लोग नहीं जानते कि यह परंपरा कब से शुरू हुई। स्थानीय लोगों का मानना है कि अगर लड़कियां इस परंपरा को नहीं निभातीं तो उनका शादीशुदा जीवन खतरे में पड़ जाता है नहीं तो उन्हें कोई गंभीर बीमारी जकड़ लेती है।
यहां की निवासी बिंदाई कहती हैं कि गांव में कई बार ऐसा हुआ कि लड़कियों ने शादी के वक्त इस परंपरा को नहीं निभाया। ऐसे मामलों में या तो पति-पत्नी के संबंधों में दरार आ गई या फिर लड़की और लड़का दोनों गंभीर बीमारियों की चपेट में आ गए।
इस गांव में दुल्हन जब घोड़ी पर सवार होकर दूल्हे के घर के लिए निकलती है तो पहले यहां विभिन्न मंदिरों के दर्शन करती है। स्थानीय निवासी पूरन कहते हैं कि लड़की शादी के मौके पर विशेष रूप से भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा करती है।
गौरतलब है कि इस गांव की आबादी 3,500 से अधिक है और यहां ज्यादातर लोग किसान हैं।
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