नई दिल्ली। इस्तीफा नामंजूर होने के बाद मेट्रो मैन ई श्रीधरन आज दिल्ली के जमरूदपुर में मेट्रो पुल हादसे की साइट पर पहुंचकर हालात का जयाजा लिया। साथ ही श्रीधरन ने वहां से मलबा हटाए जाने की कार्रवाई का भी मुआयना किया। मालूम हो कि रविवार को मेट्रो पुल हादसे की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए डीएमआरसी प्रमुख श्रीधरन ने इस्तीफा दे दिया था।
अगले साल होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स और श्रीधरन की काबिलियत को देखते हुए सरकार ने उनका इस्तीफा नामंजूर किया है।
इस सिलसिले में दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने कहा है कि मेट्रो का प्रोजेक्ट बेहद अहम है और देश को मेट्रो चीफ श्रीधरन की जरूरत है। इसलिए वो उनका इस्तीफा मंजूर नहीं कर सकती।
मेट्रो मैन ई श्रीधरण के अचानक इस्तीफे की पेशकश ने दिल्ली सरकार को हिला कर रख दिया। मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के चेहरे पर चिंता की लकीरें साफ पढ़ीं जा सकती थीं। कॉमनवेल्थ खेल बिल्कुल करीब है और मेट्रो का काम सिर्फ एक इंसान ही पूरा कर सकता है, वो हैं श्रीधरण। इस्तीफे की घोषणा के बाद मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने कॉमनवेल्थ गेम्स कोआर्डिनेशन कमेटी के प्रमुख और दिल्ली सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों की आपात बैठक बुलाई। मुख्य मुद्दा श्रीधरण का इस्तीफा था। श्रीधऱण का कोई दूसरा विकल्प नहीं मिला और रात में ही शीला सरकार ने श्रीधरण का इस्तीफा नामंजूर कर दिया।
इ श्रीधरण मेट्रो दुर्घटना को लेकर कितने गंभीर थे। इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि दुर्घटना के वक्त वो बैंगलोर में थे और खबर मिलते ही वो दिल्ली के रवाना हो गए और दिल्ली एयरपोर्ट से वो सीधा घटनास्थल पर गए। इसके बाद ज्यादातर मीडिया से दूर रहने वाले श्रीधरण ने प्रेस कांफ्रेंस कर घटना की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने इस्तीफे की पेशकश कर सबको चौंका दिया।
इतना ही नहीं प्रेस कॉन्फ्रेस के दौरान श्रीधरन ने ईमानदारी से कबूला कि
--पिछले हादसों की जांच के बाद कई खामियां सामने आईं लेकिन वे उसे दूर नहीं कर पाए
-- श्रीधरन ने इन कमियों को खत्म न कर पाने के लिए अफसोस भी जताया
--ये भी ऐलान किया कि पांच लोगों की कमेटी पूरे हादसे की जांच करेगी
--डीएमआरसी ने उस फर्म को भी ब्लैकलिस्ट करने का ऐलान किया है जो हादसे के वक्त साइट पर काम कर रही थी।
हालांकि इतने बड़े हादसे होने के बाद भी दिल्ली सरकार ने ई श्रीधरण का इस्तीफा नामंजूर तो कर दिया। लेकिन सवाल ये उठता है कि सरकार और डीएमआरसी ऐसी दुर्घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए कोई पुख्ता कदम उठाएगी। दिल्ली सरकार की सोमवार को कैबिनेट बैठक में मेट्रो दुर्घटनाओं के कारणों की समीक्षा की जाएगी।
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