देश को आजाद हुए 62 साल हो गए हैं लेकिन क्या आज भी हमें अभिव्यक्ति की आजादी पूरी तरह मिल पाई है। कहीं हम फासीवादी तो नहीं होते जा रहे। जसवंत-जिन्ना प्रकरण को लेकर यही था इस बार का मुद्दा और इसमें हिस्सा लिया कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राशिद अल्वी, भाजपा नेता और वरिष्ठ पत्रकार चंदन मित्रा, गुजरात सरकार के मंत्री जय नारायण व्यास, प्रोफेसर लार्ड मेघनाथ देसाई और इतिहासकार मृदुला मुखर्जी ने। एंकरिंग संदीप चौधरी ने की।
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