नई दिल्ली। पिछले 20 साल से सचिन का बल्ला लगातार दहाड़ लगा रहा है। टेस्ट से लेकर वनडे क्रिकेट में क्रिकेट के इस भगवान ने रिकॉर्ड का अंबार खड़ा कर दिया है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सचिन तेंदुलकर के सपने क्या हैं?
सचिन का पहला और सबसे बड़ा सपना था कि वो अपने मुल्क के लिए खेलें। आखिर कैसे हुआ ये सपना पूरा। सचिन तेंदुलकर कम बोलते हैं लेकिन जब बोलते हैं तो दिल से बोलते हैं। सचिन ने आईबीएन 7 से ऐसी ही बातचीत की।
सचिन कहते हैं कि वो अपने प्रदर्शन से कभी पूरी तरह खुश नहीं होते। उनके सीने में और बेहतर करने की आग जलती रहती है और एक कहावत है न कि आग में जलकर तो पीतल भी सोने में बदल सकता है।
सचिन तेंदुलकर क्रिकेट के मैदान में कसमें भी खाते हैं। पांच साल पहले भी उन्होंने एक कसम खाई थी। 2004 में सचिन ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी टेस्ट में 241 रनों की यादगार पारी खेली थी। लेकिन सचिन ने उस मैराथन पारी के दौरान एक भी कवर ड्राइव नहीं लगाया।
क्रिकेट के मैदान पर खूबसूरत शॉर्ट लगाना सचिन की पहचान रही है लेकिन सचिन का हाथ किचन में भी खूब चलता है। सी फूड के शौकीन सचिन अलग-अलग व्यंजन बनाने में भी माहिर हैं। मछली के लिए तो वो कुछ भी कुर्बान कर सकते हैं।
सचिन ने आईबीएन 7 को बताया कि वो पुराने हिंदी गानों से लेकर अंग्रेजी गाने भी सुनते हैं। संगीत उनकी जिंदगी में मिठास घोलता है, इसीलिए वो अपने साथ हमेशा आईपॉड रखते हैं।
(सचिन की ये बातचीत देखने के लिए वीडियो देखें।)
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