नई दिल्ली। पिछले महीने की 22 तारीख को खत्म हुए सप्ताह के दौरान देश में मुद्रास्फीति की दर मामूली बढत के साथ शून्य से 0.21 फीसदी नीचे दर्ज की गई। इससे पहले के हफ्ते के दौरान यह शून्य से 0.95 फीसदी नीचे थी।
साल 1995 में थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित नए सूचकांक की शुरुआत के बाद से पहली बार छह जून को खत्म हुए हफ्ते के दौरान मुद्रास्फीति की दर नकारात्मक हुई थी।
पिछले माह की 22 तारीख को खत्म हफ्ते के दौरान सभी वस्तुओं के सूचकांकों में मामूली वृद्धि दर्ज की गई।
नकारात्मक मुद्रास्फीति से आशय संबंधित सप्ताह के दौरान औसत थोक मूल्यों के पिछले साल की समान अवधि के औसत थोक मूल्यों की तुलना में कम होना है। यह जरूरी नहीं है कि इससे खुदरा मूल्यों के बारे में पता चले।
सप्ताह के दौरान प्राथमिक वस्तुओं का सूचकांक 268.4 से 0.7 फीसदी बढ़कर 270.4 हो गया जबकि विनिर्मित वस्तुओं के सूचकांक में 0.5 फीसदी की वृद्धि हुई और यह 206.4 से बढ़कर 207.5 हो गया।
ईंधन और बिजली सूचकांक में अपेक्षाकृत ज्यादा बढ़ोत्तरी हुई और यह 1.5 फीसदी बढ़कर 338.2 से 343.3 हो गया।
इस साल 27 जून को खत्म हुए हफ्ते के दौरान वास्तविक मुद्रास्फीति की दर शून्य से 1.09 फीसदी नीचे रही।
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