कहते हैं आत्महत्या पाप है तो फिर कोई क्यों मजबूर होता है इस पाप के लिए। क्यों कोई अपनों को जिंदगी भर दर्द सहने के लिए छोड़ जाता है अकेला। क्यों खराब रिजल्ट के लिए कोई अपनी जिंदगी ही दांव पर लगा देता है या फिर कोई रैगिंग के बोझ को ही नहीं सह पाता। क्या कई बार पारिवारिक हालात भी मजबूर करते हैं आत्महत्या के लिए। जिंदगी लाइव ने कोशिश की ऐसे लोगों के आंसुओं को बांटने की जो अपनों को अकेला छोड़ गए।
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