IBN7 IBN7

कुंआरी लड़कियां भी रख रही हैं करवाचौथ व्रत

Posted on Oct 06, 2009 at 05:49pm IST | Updated Jan 16, 2010 at 06:14pm IST

नई दिल्ली। करवाचौथ का व्रत सुहागिनें अपने पति की लंबी आयु के लिए रखती हैं। करवाचौथ कार्तिक महीने की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी में मनाया जाता है। ये व्रत सुबह सूर्योदय से पहले करीब 4 बजे शुरू हो कर रात में चंद्रमा दर्शन के बाद पूरा होता है।

यूं तो करवाचौथ सुहागिन स्त्रियों के लिए खास दिन माना जाता है लेकिन कई जगह करवाचौथ का व्रत कुंवारी लड़कियां भी रखती हैं। स्कूल में बच्चों को पढ़ाने वाली शालू करवाचौथ की तैयारियों में काफी व्यस्त हैं। अभी तक शालू कि शादी नहीं हुई है। फिर भी वो ये व्रत रखती है।

इस बारे में शालू का कहना है कि मुझे करवाचौथ का व्रत रखना बहुत पसंद है। मेरी सहेलियां भी व्रत रखती हैं इसलिए मैं भी व्रत रखती हूं ताकि मुझे ऐसा वर मिले जो मेरे साथ कदम से कदम मिलाकर चले।




शालू ही नहीं कई लड़कियां हैं जो शादी से पहले करवाचौथ का व्रत रखती हैं ताकि उन्हें अच्छा पति मिले। हालांकि ये हरियाणा में ज्यादा देखने को मिलता है। धीरे-धीरे ये चलन बड़े शहरों में भी देखने को मिल रहा है। आखिर कौन नहीं चाहेगा कि उसे बेहद प्यार करने वाला जीवनसाथी मिले।

शास्त्रों के मुताबिक इस व्रत के समान सौभाग्यदायक व्रत कोई दूसरा नहीं है। व्रत का ये विधान बेहद प्राचीन है। कहा जाता है कि पांडवों की पत्नी द्रौपदी ने भी करवाचौथ का उपवास किया था। इस व्रत के देवता चंद्रमा माने गए हैं। इसके पीछे भी एक कहानी है। कहा जाता है कि जब अर्जुन तप करने नीलगिरी पर्वत पर चले गए थे तो द्रौपदी परेशान हो गई। तब कृष्ण ने द्रौपदी को करवाचौथ का व्रत रखने और चांद कि पूजा करने कि सलाह दी थी।

पंडित लोकनाथ भारद्वाज ने बताया कि ये पर्व हेमंत ऋतु में होता है और कृष्ण ने गीता में इस ऋतु को सर्वश्रेष्ठ ऋतु बताया है। कहा गया है कि इस ऋतु में किसी भी प्रकार का संकल्प पूरा हो जाता है।

लाइफस्टाइल की अन्य खबरों के लिए यहां क्लिक करें।


(IBNkhabar के मोबाइल वर्जन के लिए लॉगआन करें m.ibnkhabar.com पर!)


(अब IBN7 देखिए अपने आईपैड पर भी। इसके लिए IBNLive का आईपैड एप्स डाउनलोड कीजिए। बिल्कुल मुफ्त!)

IBNKhabarMore on: Karvachoth, Fetival, Importance, 7special



पिछली खबर
यहां जो भी राम बना, अगले दशहरे तक नहीं बचा!
अगली खबर
श्रृंगवेरपुर: वो जगह जो राम के जन्म की वजह बनी

IBN7IBN7
IBNLiveIBNLive
IBNLive IBNLive

कमेंट्स

0

  
अपना कमेंट भेजें

नाम *

 

सिटी *

ईमेल *

     

कमेंट्स *


IBN7IBN7
IBN7

धर्म-कर्म में ये भी

आज शाम तक अमरनाथ पहुंच जाएगा पहला जत्था

अमरनाथ यात्रियों का पहला जत्था आज शाम तक पवित्र गुफा तक पहुंच जाएगा और बाबा बर्फानी का दर्शन करेगा। इससे पहले रात को श्रद्धालु जम्मू से बालटाल बेस कैंप पहुंचे। जहां भक्तों ने नाच-गाकर भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना की। 09:33 AM, Jun 29, 2011

पढ़ें: अमरनाथ यात्रा से पहले कर लें खास इंतजाम!

अमरनाथ यात्रा को मुश्किल चढ़ाइयों में से एक माना जाता है। इन चढ़ाइयों पर चढ़ने के लिए खास इंतजाम के साथ सावधानी जरूरी है। कुछ बातों का ख्याल रखना बहुत जरूरी होता है। 10:35 AM, Jun 28, 2011

जय हो बाबा बर्फानी की, जम्मू से पहला जत्था रवाना

अमरनाथ यात्रियों का पहला जत्था आज सुबह जम्मू से रवाना हो गया। आज सुबह 5 बजे जम्मू के आधार शिविर से रवाना होने वाला पहला जत्था कल पवित्र गुफा तक पहुंच जाएगा। 45 दिनों तक चलने वाली अमरनाथ यात्रा में इस बार 5 लाख से ज्यादा लोग बाबा बर्फानी के दर्शन कर पाएंगे। 08:39 AM, Jun 28, 2011

'अमरनाथ यात्रा 29 जून से भी शुरू होने के आसार नहीं'

जम्मू एवं कश्मीर में अधिकारियों का कहना है कि भारी बर्फवारी और बारिश के कारण अमरनाथ यात्रा निर्धारित 29 जून से शुरू होने के आसार नहीं हैं। 13:47 PM, Jun 17, 2011

संगठनों ने छोड़ी जिद, 29 जून से अमरनाथ यात्रा पर राजी

हिंदू नेता 15 जून के बदले 29 जून से सालाना अमरनाथ यात्रा शुरू करने के लिए सोमवार को राजी हो गए। अमरनाथ यात्रा विवाद सुलझाने के लिए जम्मू एवं कश्मीर सरकार के प्रतिनिधि सोमवार को अंतिम कोशिश में जुटे हुए थे। 09:39 AM, Jun 14, 2011

अमरनाथ यात्रा पर उमर सरकार और भगवा ब्रिगेड में ठनी

अमरनाथ यात्रा पर कब शुरू इस बात को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। वीएचपी और बजरंग दल ने अमरनाथ यात्रा को निर्धारित समय से पहले 15 जून से शुरू करने का ऐलान किया है। 17:02 PM, Jun 13, 2011

अब सोने की कढ़ाई वाली शॉल ओढ़ेंगे शिरडी के साईं बाबा!

शिरडी के साईं बाबा के ऐसे भक्तों की कमी नहीं है जो साईं को तन और मन से ही नहीं धन से भी मानते हैं। ऐसे ही एक भक्त ने साईं को सोने की शॉल चढ़ाई है। 35 लाख रुपए की लागत से इस शॉल का निर्माण किया गया है। 07:46 AM, Jun 13, 2011

शिव-पार्वती के दर्शन के लिए कैसे पहुंचे कैलाश मानसरोवर

हिंदुओं के लिए कैलाश मानसरोवर का मतलब भगवान का साक्षात दर्शन करना है। कैलाश मानसरोवर को ब्रह्मांड का केंद्र माना जाता है। 17:46 PM, Jun 01, 2011
IBN7