चंडीगढ़। हरियाणा के सीएम भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने पार्टी के नेताओं की आपसी फूट को कांग्रेस के कमज़ोर प्रदर्शन के लिए ज़िम्मेदार ठहराया है।
हरियाणा मे दूसरी बार मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद सोमवार को चंढीगढ़ में उन्होंने ये बातें कहीं। उनका कहना था की पार्टी के कुछ नेताओं ने चुनाव मे पार्टी का साथ नहीं दिया।
लोकसभा चुनावों के नतीज़े से उत्साहित हुड्डा ने तय समय से 6 महीने पहले ही चुनाव करा दिए लेकिन वो राज्य में 90 में से सिर्फ़ 40 सीटें जीत पाए और अब वो सरकार चलाने के लिए निर्दलीय विधायकों पर निर्भर रहेंगे।
राज्य के नतीजों से दो बातें साफ़ नज़र आती हैं, एक मुख्यमंत्री हुड्डा कमज़ोर हुए हैं और उनके नेतृत्व पर लगातार तलवार लटकी रहेगी और दूसरा कि राज्य में एक बार फिर आया राम-गया राम राजनीति का दौर बना रह सकता है।
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