नई दिल्ली। दूसरों की भलाई के लिए कुछ करने का जज्बा हो तो उम्र कभी आड़े नहीं आती। कुछ ऐसा ही साबित किया है ट्रैफिक बाबा मुकुल जोशी ने जिनका मिशन है लोगों को सड़कों पर चलने का सही ढंग सिखाना।
मुकुल जोशी एक रिटायर्ड एयरफोर्स ऑफिसर हैं। रिटायरमेंट के बाद उन्होंने सोचा कि क्यों ना लोगों के भले और समाज के लिए कुछ किया जाए। तभी 2003 में एक सड़क दुर्घटना में मुकुल के एक दोस्त ने अपना बेटा खो दिया और तब मुकुल ने फैसला किया कि वह सड़क सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक करेंगे और इस काम को करने के लिए वह बन गए ट्रैफिक बाबा।
हफ्ते में 6 दिन और हर रोज शाम को 6 बजे मुकुल लाउड स्पीकर और पैम्फलेट के साथ नोएडा की सड़कों पर निकल जाते हैं। इस काम को करने के लिए उन्हें नोएडा के SSP से अनुमति लेनी पड़ी और 2004 से यही उनकी दिनचर्या बन गई।
अब लोग मुकुल को जैसे ही देखते हैं वो अपनी सीट बेल्ट और हेलमेट पहन लेते हैं। एक बार एक आदमी ने उन्हें डिनर के लिए बुलाया पर उन्होंने मना कर दिया। फिर उसने मुकुल को बताया कि उनकी वजह से वो एक सड़क दुर्घटना से बच गया था क्योंकि मुकुल ने उसे सीट बेल्ट पहनने के लिए कहा था।
मुकुल अपने काम से बेहद खुश हैं पर ज्यादा खुशी उन्हें इस बात से होती है कि कोई वर्दी ना पहनने के बावजूद लोग उनके निर्देशों को मानते हैं।
2005 में SSP नोएडा ने भी मुकुल को सम्मानित किया था। जब मुकुल ने इस काम की शुरुआत की थी तब उनकी पत्नी ने कहा था कि लोग तुम्हें शायद पागल भी समझें पर तुम उनकी बातों पर ज्यादा गौर ना करना और मुकुल ने वही किया। उनका ये अभियान तभी सफल माना जाएगा जब लोग ट्रैफिक के नियमों का पालन करेंगे।








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