मुंबई। आईबीएन7 के मुंबई दफ्तर पर हुए हमले को 24 घंटे से ज्यादा का वक्त गुजर चुका है लेकिन अभी तक उस शख्स की गिरफ्तारी नहीं हुई है जिसे इस हमले का मास्टरमाइंड माना जा रहा है। पुलिस के मुताबिक आईबीएन7 पर हमले का सूत्रधार यही शख्स है। पुलिस ने तेजी दिखाते हुए 17 शिवसैनिकों को तो गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर दिया लेकिन इस शख्स तक पुलिस अभी-तक नहीं पहुंच पाई है। ये शख्स कोई और नहीं सामना के संपादक संजय राउत का भाई सुनील राउत है।
शुक्रवार को करीब 25 शिवसैनिकों ने मुंबई और पुणे के आईबीएन7 और आईबीएन लोकमत के दफ्तरों पर कोहराम मचा दिया। 7 शिवसैनिकों को तो शुक्रवार को दफ्तर में ही दबोच लिया गया जबकि 10 को पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार किया। अब तक कुल 17 शिवसैनिक पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं। इनमें से 13 को पुलिस ने शनिवार को विक्रोली कोर्ट में पेश किया। हमले में शामिल 4 शिवसैनिकों का इलाज अस्पताल में चल रहा है। इन्हें आईबीएन के दफ्तर पर हमले के दौरान लोगों ने न केवल दबोच लिया बल्कि बाद में इनकी करतूत की वजह से पीट भी दिया। लेकिन ये सब तो छोटी मछलियां हैं। पुलिस की मानें तो इस हमले का मास्टरमाइंड सुनील राउत है। सुनील राउत यानि सामना के संपादक और शिवसेना के सांसद संजय राउत का भाई।
पुलिस का दावा है कि हमले में शामिल शिवसैनिकों को सुनील राउत ने ही मुंबई और पुणे के आबीएन7 के दफ्तर में हमले के लिए भेजा। हैरानी की बात है कि हमले में शामिल शिवसैनिक तो पकड़े गए लेकिन उनका मास्टरमाइंड नहीं। फिलहाल सभी 17 शिवसैनिकों को कोर्ट ने 23 नवंबर तक पुलिस रिमांड में भेज दिया है। इन पर दंगा-फसाद, बलवा और हत्या की कोशिश का मुकदमा दर्ज किया गया है। जब इन गुंडों को कोर्ट में लाया जा रहा था तब कोर्ट के बाहर 500 से ज्यादा शिवसैनिक खडे़ थे। ऐसे में कोर्ट परिसर में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त रखे गए थे।
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