पटना। बिहार के सीवान जिले के ठेपहां गांव में हिन्दू न केवल मुहर्रम मनाते हैं वरन कई हिन्दू परिवार ताजिया भी निकालते हैं।
देश के पहले राष्ट्रपति राजेन्द्र प्रसाद की जन्मस्थली सीवान जिले के जीरादेई से लगभग दो किलोमीटर दूर तथा जिला मुख्यालय से लगभग 12 किलोमीटर दूर ठेपहां गांव में सोमवार को हिन्दू परिवारों ने भी मुसलमानों के साथ मिलकर मुहर्रम मनाया। मुहर्रम के दौरान यहां के कई हिन्दू परिवारों ने अपने घरों से ताजिया निकाला।
ग्रामीण ललन चौधरी ने बताया कि यह गांव शुरू से ही हिन्दू और मुस्लिम एकता की मिसाल रहा है। उन्होंने बताया कि हिन्दू यहां ताजिया तो निकालते ही हैं रोजा भी रखते हैं। इनमें हिन्दू महिलाओं की संख्या भी काफी होती है।
उन्होंने बताया कि गांव में मुख्य रूप से पांच ताजिये निकाले जाते हैं। इनमें एक हिन्दू परिवार का ताजिया होता है। इसके साथ ही कई छोटे ताजिये यहां के हिन्दू परिवारों से निकाले जाते हैं। यहां के हिन्दू मुहर्रम पर रोजा भी रखते हैं। ग्रामीण सुरेश चौधरी की पत्नी राजकुमारी देवी ने रोजा रखा हुआ है।
ठेपहां गांव स्थित बड़ी मस्जिद के इमाम शमशुल हक का कहना है कि रोजा रखना और मुहर्रम मनाना नेकनियति पर निर्भर है। इसमें हिन्दू और मुसलमान का भेद नहीं है।












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