तिरुअनंतपुरम। केरल के तिरुअनंतपुरम शहर में एक बंदर की मौत पर पूरे शहर में शोक की लहर दौड़ गई है। इतना ही नहीं बंदर की अंतिम विदाई पूरी विधी के साथ सम्पन्न हुई साथ ही बंदर की अंतिम विदाई में केरल के सिंचाई मंत्री भी शामिल हुए।
केरल के तिरुअनंतपुरम शहर के एक मंदिर में ये बंदर रहता था। स्थानीय लोग इसे देवता के रूप में मानते थे। करीब दस साल तक इस मंदिर पर इस बंदर का राज था। बाहर से आने वाले लोगों को ये बंदर मंदिर के आस-पास भटकने तक नहीं देता था। श्रद्धालूओं से प्रसाद आदि चीजें छीनने वाले बंदरों को ये बंदर दूर भगाता था।
दूसरे बंदर से किसी श्रद्धालू को बचाने की कोशिश में इस बंदर की मौत हो गई। इस बंदर की मौत की खबर जैसे ही फैली, तभी बंदर की अंतिम यात्रा में शामिल होने केरल के सिंचाई मंत्री एन के प्रेमचंद्रन भी पहुंच गए। शहर के कई बड़े लोगों ने हाथ जोड़ कर नम आंखों से इस बंदर को अंतिम विदाई दी।








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