भुवनेश्वर। उड़ीसा के एक गांव में एक व्यक्ति पिता के निधन के बाद शव को एक कमरे में बंद कर दो दिनों तक भगवान से मृत शरीर में जीवन के संचार के लिए प्रार्थना करता रहा। पुलिस ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी।
भुवनेश्वर से लगभग 100 किलोमीटर दूर जगतसिंहपुर जिले के गालूपाड़ा गांव में 35 वर्षीय देबून बिश्वाल के 65 वर्षीय पिता का सोमवार को निधन हो गया।
जिले के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने आईएएनएस को बताया कि देबून बिश्वाल के परिवार के सदस्य जब उनके पिता के अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे थे तभी बिश्वाल ने हस्तक्षेप कर इसकी अनुमति देने से इंकार कर दिया।
गौरतलब है कि इसके बाद देबून बिश्वाल अपने पिता के शव को एक कमरे में बंद कर भगवान के सामने इस उम्मीद के साथ घंटो प्रार्थना किया कि भगवान मृत शरीर में जीवन का संचार करेंगे।
ग्रामीणों के आग्रह के बाद पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंच कर अंतिम संस्कार करवाया। पुलिस ने देबून को कुछ घंटो के लिए हिरासत में लिया था।
पुलिस अधिकारी ने बाताया कि देबून ने पिता के शव को दो दिनों तक रखा, क्योंकि पिता की मौत के बाद वह मानसिक स्थिति गड़बड़ा गई थी।








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