नई दिल्ली। बढ़ते दबाव को किरकिरी से बचने के लिए अब जाकर महिला एवं बाल विकास मंत्री कृष्णा तीरथ ने विज्ञापन में गलत तस्वीर छपने के मामले में माफी मांग ली है। तीरथ का कहना है कि पाकिस्तानी सेना के पूर्व वायु सेना प्रमुख की तस्वीर विज्ञापन में छपने का उन्हें खेद है। कृष्णा तीरथ ने पीएमओ की माफी के बाद इस तरह का बयान दिया है। पहले वो अपने मंत्रालय या अपनी गलती मानने से इनकार कर रही थीं।
दरअसल अपनी तरह के इस अनोखे मामले में भारतीय सरकार के एक विज्ञापन में पाकिस्तानी वायुसेना के पूर्व चीफ तनवीर महमूद अहमद की तस्वीर छप गई है। ये विज्ञापन महिला और बाल विकास मंत्रालय का है जिसमें तनवीर महमूद पाकिस्तानी वायुसेना की यूनिफॉर्म में दिख रहे हैं।
महिला एवं बाल विकास मंत्री ने पहले तो इसे अमन बहाली की तरफ बढ़े कदम के रूप में देखने की नसीहत दी, बाद में गेंद डीएवीपी के पाले में डालते हुए सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को जिम्मेदार ठहरा दिया। हालांकि पीएमओ ने पूरे घटनाक्रम पर देश से माफी मांगी है। उसका कहना है कि ये गलती किसकी है इसकी जांच होगी लेकिन सरकारी विज्ञापन में किसी विदेशी का फोटो छपना खेदजनक है।
इस विज्ञापन में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, यूपीए की चेयरपर्सन सोनिया गांधी और महिला एवं बाल विकास मंत्री कृष्णा तीरथ की तस्वीरें छपी हैं। इसी विज्ञापन में पूर्व क्रिकेटर कपिल देव, क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग और सरोदवादक अमजद अली खान की भी तस्वीर छपी है। साथ ही पाकिस्तान के पूर्व एयर चीफ तनवीर महमूद अहमद की तस्वीर है।
गौरतलब है कि इस विज्ञापन के जरिए ये संदेश देने की कोशिश की गई है कि इन हस्तियों की मां न होती तो ये भी न होते। ये विज्ञापन कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए आज देश के तमाम अखबारों में प्रकाशित हुआ है।
इस बारे में बीजेपी नेता राजीव प्रताप रूडी ने कहा कि ये एक गलती है लेकिन इसकी वजह कांग्रेस की वो आपाधापी है जो अपने नेताओं के फोटो छापने के लिए मची हुई है। इस आपाधापी में ये भी ख्याल नहीं रहता कि उन नेताओं के साथ और किसकी तस्वीरें छप रही हैं।
महत्वपूर्ण बात ये है कि पहले तो खुद महिला एवं बाल विकास मंत्री कृष्णा तीरथ ने जिनके मंत्रालय ने ये विज्ञापन जारी किया है वो इस फोटो के छपने को गलती मानने को तैयार नहीं थीं। तीरथ ने आईबीएन7 से बातचीत में कहा था कि आप इसे गलती के रूप में नहीं देखिए। हम अमन-चैन चाहते हैं। हमारा मकसद देखिए। हमें यूनिफॉर्म में एक व्यक्ति दिखाना था। वो कोई भी हो सकता है। लेकिन इस सवाल पर कि क्या यूनिफॉर्म में कोई भारतीय सैन्य
अधिकारी नहीं हो सकता था या फिर ये पाकिस्तानी अधिकारी ही क्यों था, कृष्णा चुप्पी साध गईं। बाद में प्रेसवार्ता में तीरथ ने कहा कि वे डीएवीपी में जांच कराएंगी कि गलती कहां हुई।
विज्ञापन पर प्रेस इन्फोरमेशन ब्यूरो की प्रिंसिपल डीजी नीलम कपूर ने आईबीएन7 से कहा था कि इस विज्ञापन में जरूर गलती हुई है और साथ ही कहा है कि उनका विभाग ये पता लगाएगा कि इतनी बड़ी चूक मंत्रालय की तरफ से हुई या फिर डीएवीपी की चूक है। एयरफोर्स ने भी कड़ी आपत्ति जताई है।
दरअसल जब भी किसी मंत्रालय को कोई विज्ञापन छपवाना होता है तो वो डीएवीपी से संपर्क करता है। डीएवीपी यानि की डायरेक्टरेट ऑफ ऑडियो वीडियो पब्लिसिटी। ये विभाग सूचना और प्रसारण मंत्रालय के अंतर्गत आता है। डीएपीवी मंत्रालय के विज्ञापन को डिजाइन करता है। इसके बाद इसे वापस मंत्रालय के पास भेजा जाता है। अगर जरूरी होता है तो मंत्रालय इसमें परिवर्तन बताता है। इसके बाद ये विज्ञापन वापस डीएवीपी को जाता है जहां इसमें जो भी सुधार की गुंजाइश होती है वो की जाती है। इसके बाद इसे वापस उसी मंत्रालय में अप्रूवल के लिए भेजा जाता है जिस मंत्रालय का ये विज्ञापन छपना होता है।
मंत्रालय एक बार फिर इसे देखता है और मंत्रालय से हरी झंडी मिलने के बाद इसे वापस डीएवीपी भेजा जाता है। जिसे फिर डीएवीपी अखबारों में छपने के लिए भेजता है।
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