वाशिंगटन। एक नए अध्ययन में कहा गया है कि थोड़े समय के लिए समुद्र के स्तर का बढ़ना-घटना इस तरह के दीर्घकालिक रुझान का संकेत नहीं देता।
इजरायल के हाफिया विश्वविद्यालय में इस अध्ययन का नेतृत्व कर रहे डोरिट सिवन ने कहा है कि सैकड़ों और हजारों सालों का आंकलन यह स्पष्ट करता है कि वर्तमान दिनों में समुद्र के जल स्तर में दिखाई दे रही अनियमित प्रक्रिया कोई नई नहीं है।
समुद्र के जल स्तर का बढ़ना एक ऐसी प्रक्रिया है जिसका मनुष्य पर बहुत बड़ा प्रभाव होता है। इसके कारण न केवल निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा है, बल्कि भूजल के खारा होने, नदियों में बाढ़ आने तथा तटीय क्षरण में बढ़ोतरी होने का भी खतरा है।
अध्ययन में पाया गया है कि इजरायल में पिछले 2,500 वर्षो से समुद्र का जलस्तर बढ़ और घट रहा है। जलस्तर के इस बढ़ने-घटने के बीच अधिकतम एक मीटर का अंतर रहा है।
सिवन ने कहा कि संक्षिप्त अवधि के लिए समुद्र के जलस्तर में बढ़ोतरी और गिरावट इस तरह के दीर्घकालिक रुझान की गवाही नहीं देता।








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