लंदन। इंटरनेट का अत्यधिक उपयोग करने वाले लोग डिप्रेशन का शिकार हो सकते हैं। लीड्स विश्वविद्यालय द्वारा कराए गए शोध से यह बात सामने आई है।
शोध के दौरान इंटरनेट का उपयोग करने वाले 16 से 51 वर्ष की उम्र के 1319 लोगों के डिप्रेशन स्तर पर नजर रखी गई। इनमें से 1.2 प्रतिशत लोग इंटरनेट के आदी बताए गए।
शोधकर्ताओं ने पाया कि कुछ लोग 'कंपल्सिव इंटरनेट हैबिट' (इंटरनेट से जुड़ी बाध्यकारी आदत) के शिकार हैं। इंटरनेट का उपयोग करने के दौरान चैट-रूम और सोशल नेटवर्किंग वेबसाइटों को इन लोगों द्वारा सामान्य सामाजिक संपर्क के रूप में उपयोग में लाया गया।
लीड्स विश्वविद्यालय के मनोविज्ञानिकों ने पाया कि इंटरनेट का उपयोग करने वाले लोग जिस स्तर पर इसके आदी हो चुके हैं, उससे उनके मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है।
शोध में शामिल कैटिरोना मॉरिसन ने कहा कि इंटरनेट हमारी दैनिक जरूरतों का साधन बन गया है लेकिन इसके अत्यधिक उपयोग के कारण हमें काफी नुकसान भी हो रहा है। हम इंटरनेट का उपयोग बिल का भुगतान करने, खरीददारी करने और ईमेल भेजने के लिए करते हैं लेकिन यह देखना जरूरी है कि आखिरकार हम प्रतिदिन कितने समय तक इंटरनेट का उपयोग करते हैं।
इंटरनेट के आदी लोग आमतौर पर इसका प्रयोग यौन संतुष्टिदायक वेबसाइटों, ऑनलाइन गेम और ऑनलाइन सामुदायिक कार्यो के लिए करते हैं और यही कारण है कि इंटरनेट का कम उपयोग करने वाले लोगों की तुलना में उनके अंदर डिप्रेशन का स्तर अधिक होता है।








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