नई दिल्ली। सचिन-वीरू जलवा बिखेरने को बेताब- मास्टर ब्लास्टर और सहवाग दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 6 फरवरी से यहां शुरू हो रहे पहले क्रिकेट टेस्ट मैच में बेहतरीन प्रदर्शन को बेताब हैं।
इसकी दो वजह है, एक तो उनका इसका मैदान पर बेहतरीन रिकॉर्ड है और दूसरा टीम में राहुल द्रविड़, युवराज सिंह की गैरमौजूदगी है। जिसने उन पर जिम्मेदारी बढ़ा दी है। लक्ष्मण का खेलना भी संदिग्ध है।
2008 में यहां खेले गए टेस्ट में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 172 रन से हराया था। तब सचिन ने उस मैच में शतक जमाया था। सहवाग ने यहां खेले गए इकलौते टेस्ट में 66 और 92 रन बनाए हैं। कप्तान धोनी ने भी तब ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दोनों पारियों में अर्धशतक जड़े थे। हरभजन ने भी यहां एक अर्धशतक जमाया है।
यानी, कोई वजह नहीं कि भारत इस मैच में बुलंद हौसलों के साथ न उतरे। अगर भारतीय खिलाड़ी यहां अपने पिछले प्रदर्शन को दोहराते हैं, तो दक्षिण अफ्रीका की राह मुश्किल होगी।
यहां की पिच भी स्पिनरों की मददगार मानी जाती है। ये बात भी दक्षिण अफ्रीकी टीम प्रबंधन के माथे पर शिकन ला सकती है।








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