राजगढ़। मध्यप्रदेश के राजगढ जिले की जीरापुर जनपद पंचायत के एक वार्ड से एक ऐसी महिला ने चुनाव जीत लिया जिसकी मृत्यु हुए करीब 14 वर्ष हो चुके हैं।
इस बात की जानकारी मिलने पर निर्वाचन अधिकारी ने चुनाव परिणाम पर रोक लगाते हुए निर्वाचन आयोग को विस्तृत जानकारी भेज मार्गदर्शन मांगा है।
उल्लेखनीय है कि जिले की जीरापुर जनपद पंचायत का वार्ड क्रं.16 अनुसूचित जाति महिला के लिये आरक्षित हुआ था। इस वार्ड से कुल 13 महिला उम्मीदवार मैदान में थी। इनमें से नन्दूबाई बागरी ने भी चुनाव लड़ा था। करीब 4 पंचायतो के मतदाताओं ने इस जनपद के वार्ड के लिए मतदान किया था।
उम्मीदवारों के तुलनात्मक मतों की जानकारी के अनुसार 30 वोटों से नन्दूबाई के आगे होने से शुक्रवार को हुए सारणीकरण में उसे जीत का प्रमाण पत्र मिलना था।
इस बीच डिप्टी कलेक्टर एस.एस.भील को यह जानकारी मिली की वार्ड क्रं.16 से निर्वाचित होने वाली नन्दूबाई की 16 जुलाई 1996 को बिजली गिरने से मौत हो चुकी है। उन्होंने जिला निर्वाचन अधिकारी और कलेक्टर को वस्तुस्थिति बताई।
बताया जाता है कि नन्दूबाई की मृत्यु के उपरांत उसके पति रायसिंह बागरी ने कुछ समय बाद लीलाबाई से दूसरा विवाह कर लिया था। लेकिन गांव की मतदाता सूची में नन्दूबाई का नाम यथावत बना रहा। जनपद सदस्य के चुनाव में आरक्षण उपरांत जब रायसिंह ने अपनी पत्नी को चुनाव लड़ाने का निर्णय लिया तो उसने मतदाता सूची के अनुसार अपनी वर्तमान पत्नी लीलाबाई का मृतक नन्दूबाई के नाम से नामांकन फार्म जमा कराया और पूरे चुनाव में नन्दूबाई के नाम से वोट मांगे।
नन्दूबाई की जीत तय होने पर लीलाबाई शुक्रवार जब को जीत का प्रमाण पत्र लेने पहुंची तब निर्वाचन अधिकारी को इस बात की प्रमाणिक जानकारी मिली कि जनपद सदस्य का चुनाव जीतने वाली नन्दूबाई की मौत 14 वर्ष पूर्व हो चुकी है। उन्होंने चुनाव परिणाम पर रोक लगाते हुए निर्वाचन आयोग को मामले की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की है।








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