मुंबई। ठाणे पुलिस ने फिरौती के लिए बच्चों का अपहरण करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस गिरोह में चार लोग थे जो स्कूली बच्चों से नजदीकी बढ़ा कर उनका अपहरण करते थे। फिर उनके घर वालों से फिरौती के पैसे मांगते थे। इन लोगों ने पकड़े जाने के डर से दो बच्चों का कत्ल भी कर डाला।
फिरौती की रकम के लिए इन चारों ने 13 साल के यश शाह और 12 साल के तुषार सोनी को मार डाला। वारदात का खुलासा बीते हफ्ते हुए तुषार के अपहरण के बाद हुआ। इस वारदात में पुलिस ने तुषार के पिता की दुकान में काम करने वाले राकेश लाखा को गिरफ्तार किया। लाखा ने ही बताया कि किस तरह पहले वो लोग बच्चों के परिवार से नजदीकी बढ़ाते थे और फिर उनका अपहरण कर लेते थे। पूछताछ में लाखा ने 7 महीने पहले दोस्तों की मदद से यश शाह की हत्या की बात भी कबूली।
ये चारो पहले अपना शिकार ढूंढते थे, फिर उससे दोस्ती गांठते थे। मौका मिलते ही अपहरण कर उसे मार देते थे।
13 साल के यश का अपहरण 25 जून 2009 को किया गया था। यश को अगवा करने के बाद इन लोगों ने परिवार से पैसे मांगे और फिर पोल खुलने के डर से खुद ही मासूम यश को मौत के घाट उतार दिया। तुषार के साथ भी ठीक यही कहानी दुहराई गई।
पुलिस को शक है कि इस गिरोह में कुछ और बदमाश भी शामिल हैं। कुछ और बच्चों के अपहरण में भी इनका हाथ हो सकता है। फिलहाल नजदीकी बढ़ा कर अपहरण करने का ये अंदाज बेहद चौंकाने वाला है।
महानगरों में 97 फीसदी अपहरण के मामले ऐसे आ रहे हैं जिनमें नजदीकियों का ही हाथ है। इसलिए करीबियों पर निगाह रखना भी जरूरी है।








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