नई दिल्ली। राजधानी एक्सप्रेस में सफर करने वाले यात्री अब थोड़ा होशियार हो जाएं। या तो घर से खुद बनाकर खाना ले जाएं, या फिर दवा साथ में रखें और एक डॉक्टर के संपर्क में भी जरूर रहें क्योंकि अब राजधानी में सफर करना आपकी सेहत के लिए महंगा भी पढ़ सकता है।
दरअसल कल रात दिल्ली से हावड़ा जा रही हावड़ा राजधानी ट्रेन के मुसाफिरों को बासी खाना परोस दिया गया। इस खाने से दर्जन भर लोग बीमार पड़ गए। कुछ यात्रियों को उल्टी-दस्त होने लगे, किसी का दम फूलने लगा, तो कोई दर्द से छटपटाने लगा। लेकिन इसके बाद भी मुसाफिरों पर ध्यान देने वाला कोई नहीं था। न किसी डॉक्टर को बुलाया गया और न ही इलाज की कोई व्यवस्था की गई।
शाम पांच बजे ये ट्रेन दिल्ली से चली थी। इसके बाद रात के 8-8.30 बजे रात का खाना दिया गया। जैसे ही बी-2 कोच के कुछ लोगों ने खाना खाया। उन्हें फूड प्वॉयजनिंग की शिकायत होने लगी। गुस्साए यात्रियों ने सारे खाने को फेंक दिया। इसके बाद उन्हें दोबारा खाना भी दिया गया। लेकिन वो भी बेहद खराब। एक तरफ फूड प्वॉयजनिंग और दूसरी तरफ भूख से हाल बेहाल। करीब पौने दस बजे जैसे ही ये ट्रेन कानपुर पहुंची यात्रियों के सब्र का बांध टूट पड़ा और उन्होंने स्टेशन पर जमकर हंगामा किया।
जिस वक्त यात्री मदद के लिए हंगामा कर रहे थे उस वक्त ट्रेन के कोच अटेंडेंट पूरी तरह से नशे में डूबे हुए थे। इतना नशा छाया हुआ था कि हर पल उनके कदम डगमगा रहे थे। कानपुर में ट्रेन आधे घंटे तक खड़ी रही लेकिन न तो डॉक्टर का इंतजाम किया गया और न ही यात्रियों के लिए दूसेर खाने का। कोच अटेंडेंट ने यात्रियों को अगले स्टेशन तक का इंतजार करने के लिए कहा जो कि इलाहाबाद है।
तीन साल पहले आईबीएन7 ने खुलासा किया था, कि राजधानी एक्सप्रेस के यात्रियों के लिए रोटियां कूड़े के ढेर में बनाई जाती हैं। मुंबई के गोवंडी इलाके के डंपिंग ग्राउंड पर जहां पूरे मुंबई का कचरा फेंका जाता है। जहां सड़ते कूड़े की बदबू की वजह से गुजरना भी मुश्किल है। वहीं झोपड़-पट्टियों के बीच एक छोटे से कमरे में बनती थी मुंबई-दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस के यात्रियों के लिए रोटियां। जगह कम थी सो जमीन पर भी रोटियां बेलने से परहेज नहीं। यहां से रोटियां बेस किचेन में पहुंचाई जा रही थीं








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