कैनबरा। ऑस्ट्रेलिया ने अपने यहां रहने वाले भारतीयों पर लगातार हो रहे हमलों के बीच यह ऐलान कर दिया कि अब वह केवल उच्च दक्षता वाले क्षेत्रों में ही काम करने वाले विदेशी नागरिकों को आने की अनुमति देगा।
ऑस्ट्रेलिया के आव्रजन और नागरिकता मंत्री क्रिस इवांस ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि सरकार केवल उन्हीं पेशेवरों को ऑस्ट्रेलिया आने की अनुमति देने के पक्ष में है जो उच्च दक्षता वाले क्षेत्र से जुड़े हैं। उन्होंने स्वास्थ्य देखभाल, इंजीनियरिंग और खनन क्षेत्रों का खास तौर पर जिक्र करते हुये कहा कि किसी ऑस्ट्रेलियाई नियोक्ता के साथ काम करने वाले विदेशी नागरिकों को वरीयता दी जाएगी।
उन्होंने इसे स्थानीय उद्योग जगत की जरूरत के मुताबिक उठाया गया कदम बताते हुये कहा कि ऑस्ट्रेलिया को भारत, चीन और ब्रिटेन जैसे देशों से आने वाले प्रशिक्षित लोगों की जरूरत है। उन्होंने कहा कि ये देश ऑस्ट्रेलिया के सबसे बड़े व्यापारिक भागीदारों में शामिल हैं और उनके यहां प्रशिक्षित लोगों की जरूरत है।
हालांकि इवांस ने आव्रजन नियमों में इस बदलाव का यहां आने वाले विदेशी छात्रों की संख्या पर कोई असर पड़ने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया आकर वैध शिक्षा हासिल करके अपने देश लौट जाने वाले छात्रों पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। हालांकि उन्होंने कहा कि छात्र वीजा के नाम पर यहां आने के बाद नौकरी के लिए भी यहीं रूक जाने की अनुमति नहीं होगी।
गौरतलब है कि पिछले कुछ महीनों में ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले सैकड़ों भारतीय छात्रों और कामगारों पर स्थानीय लोग हमले कर चुके हैं। भारत सरकार ने इसे नस्लीय हमला बताते हुये ऑस्ट्रेलियाई सरकार से इस पर रोक लगाने के लिए तत्काल सख्त कदम उठाने का अनुरोध किया है।








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