IBN7 IBN7

[+] 51 और खबरें

जान देने पर क्यों तुली हैं दिल्ली की नौकरानियां

Posted on Feb 12, 2010 at 01:00pm IST | Updated Feb 13, 2010 at 07:20pm IST

नई दिल्ली। दिल्ली में पिछले कुछ महीनों में लगातार ऐसे मामले सामने आ रहे हैं जब नौकरानियों ने अपनी जान देने की कोशिश की है या फिर अपनी जान ही दे दी है। रही सही कसर पूरी कर देती है पुलिस जो मामला ही दर्ज नहीं करती और अगर करती भी है तो कार्रवाई होती है महज खानापूर्ति के लिए। इन बातों की तस्दीक करती है इंडियन सोशल इंस्टीट्यूट द्वारा जारी की गई एक रिपोर्ट।

कुर्सी पर जिंदगी, हर काम के लिए सहारे की जरूरत और दोनों पांव बेकार। सीमा की ऐसी हालत पहले नहीं थी। करीब तीन साल पहले जब काम की तलाश में सीमा झारखंड से दिल्ली आई तो उसके मन में बड़े-बड़े सपने थे। एक ऐसी नौकरी की तलाश थी जिससे उसकी गुजरबसर हो जाए। उम्मीद के मुताबिक एक घर में नौकरी भी मिल गई लेकिन नौकरी के बाद सीमा के अरमान टूट गए। जिस घर में वो काम कर रही थी वहां उसे परेशान किया जाने लगा। कई बार सीमा ने वहां से निकलने की भी कोशिश की लेकिन वो कामयाब नहीं हो सकी। आखिरकार तंग आकर उसने 5 अप्रैल 2009 को उसी घर की छत से छलांग लगाकर खुदकुशी की कोशिश की।

इंडियन सोशल इंस्टीट्यूट की रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली में सीमा जैसी हजारों मेड अपने मालिकों का शोषण झेलने पर मजबूर हैं। दिल्ली के घरों में काम करने वाली 80 फीसदी महिलाएं खुश नहीं हैं। करीब 47 फीसदी महिलाओं के साथ उनके मालिक अच्छा व्यवहार नहीं करते। 70 फीसदी महिलाएं 10 घंटे से ज्यादा काम करती हैं और मालिक और मेड के बीच कोई एग्रीमेंट तक नहीं होता। राजधानी की भागती-दौड़ती जिंदगी में मेड लोगों की मुसीबतों को कम करती हैं लेकिन दिनोंदिन उनकी मुसीबतें बढ़ती जा रही हैं।




सीमा के साथ हुए हादसे की शिकायत जनकपुरी थाने में की गई लेकिन अभी तक सीमा के बयान तक नहीं लिए गए। परेशान सीमा अब एक कोठरी में अपनी जिंदगी काटने को मजबूर है। घर के मालिक के पास इस बात का कोई जवाब नहीं है आखिर सीमा ने इतना खतरनाक कदम क्यों उठाया।

सीमा की तरह ही थी आशा। महज तीन महीने की नौकरी में आशा इस कदर टूट गई कि उसने फांसी लगाकर अपनी जिंदगी खत्म कर दी। इतना कुछ होने के बाद भी उसकी लाश का पोस्टमार्टम करवाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी।

जहां तक पुलिस का सवाल है तो पुलिस केवल मालिकों को ही निर्देश देती है कि वो घर में काम करने वाले लोगों का ब्यौरा उन्हें मुहैया करवाएं लेकिन घर में काम करने वाली महिलाओं और लड़कियों के साथ क्या होता है उससे पुलिस को कोई लेना देना नहीं। पुलिस का वही घिसा पिटा जवाब है कि शिकायत मिलने पर वो कार्रवाई करती है।

इंडियन सोशल इंस्टीट्यूट की इस रिपोर्ट पर अपनी राय


(IBNkhabar के मोबाइल वर्जन के लिए लॉगआन करें m.ibnkhabar.com पर!)


(अब IBN7 देखिए अपने आईपैड पर भी। इसके लिए IBNLive का आईपैड एप्स डाउनलोड कीजिए। बिल्कुल मुफ्त!)

IBNKhabarMore on: delhi, maids, hkk, Hindustan Ki Kasam



पिछली खबर
विदेशी कैदी भारतीयों को सिखा रहे हैं अंग्रेजी
अगली खबर
सर्च इंजन गूगल ने यूट्यूब के लिए बनाया सेंसर

IBN7IBN7
IBNLiveIBNLive
IBNLive IBNLive

कमेंट्स

0

  
अपना कमेंट भेजें

नाम *

 

सिटी *

ईमेल *

     

कमेंट्स *


IBN7IBN7
IBN7

लाइफस्टाइल में ये भी

Photogallery
एक और सस्ता टैबलेट
17:10 PM, May 21, 2012

जाग्रेब में बार्बी की सबसे बड़ी यूरोपियन प्रदर्शनी

क्रोएशिया की राजधानी जाग्रेब में इन दिनों बार्बी डॉल की सबसे बड़ी यूरोपियन प्रदर्शनी चल रही है जिसमें अलग-अलग समय की एक हजार से ज्यादा बार्बी डॉल्स को प्रदर्शित किया जा रहा है। 10:54 AM, May 17, 2012
Photogallery
केट अपटोन
09:12 AM, May 17, 2012
Photogallery
कैमरा फोन का बाप!
14:06 PM, May 16, 2012
Photogallery
मिरांडा केर
09:25 AM, May 16, 2012

गूगल करेगा खुद चलने वाली कार की टेस्ट ड्राइव

अब तक आपने गूगल के सर्च इंजन और ईमेल सर्विस का ही इस्तेमाल किया होगा। लेकिन, हो सकता है कि एक दिन आप गूगल की ऐसी कार में भी बैठे जो अपने आप चलेगी। 10:22 AM, May 09, 2012

तस्वीरों में: अर्थ को बचाने उतरी ये हरी-भरी हसीना

पूर्व 'मिस अर्थ फिलीपींस' सैंड्रा सीफर्ट अपनी हरी-भरी अदाओं के साथ। सैंड्रा ने अपने पूरे शरीर पर पृथ्वी के महासागर-महाद्वीप को पेंट कराया हुआ है। 11:17 AM, Apr 27, 2012
IBN7