नई दिल्ली। हॉकी वर्ल्ड कप में आज एक और कांटे की टक्कर है। एक तरफ भारतीय टीम तो दूसरी तरफ ऑस्ट्रेलिया है। दुनिया की नंबर दो टीम ऑस्ट्रेलिया को दुनिया की नंबर 12 की टीम इंडिया से भिड़ना है। पहले मैच में अपने चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को करारी शिकस्त देने वाली टीम इंडिया के हौसले बुलंद हैं। पर तभी टीम को एक करारा झटका लगा है।
पाकिस्तान के खिलाफ मैच में पहला गोल दागने वाले टीम इंडिया के खिलाड़ी शिवेंद्र सिंह को दो मैचों के लिए सस्पेंड कर दिया गया है। उन्हें पाकिस्तान के खिलाफ फाउल प्ले के आरोप में तीन मैचों के लिए सस्पेंड किया गया था। टीम इंडिया ने इस पाबंदी के खिलाफ अपील की लेकिन उसपर सुनवाई में उसे थोड़ी ही राहत मिली और बैन को तीन मैचों के बजाय दो मैच कर दिया गया है।
अंतरराष्ट्रीय हॉकी फेडरेशन का कहना है कि शिवेन्द्र ने 39वें मिनट में फरीद अहमद पर स्टिक उठाई थी। हॉकी वर्ल्ड कप के निदेशक केन रीड ने शिवेंद्र पर लगी पाबंदी को सही करार दिया है। रीड के मुताबिक शिवेंद्र ने मैच के दौरान जानबूझकर पाकिस्तानी खिलाड़ी को मारा था, जिसकी वजह से उनपर प्रतिबंध लगा।
शिवेंद्र भारत के लिए 110 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके हैं। ये पहला अवसर है जब शिवेंद्र पर प्रतिबंध लगाया गया है। अंतरराष्ट्रीय हॉकी फेडरेशन के इस फैसले की वजह से शिवेंद्र आज ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले गए मैच और 4 मार्च को स्पेन के खिलाफ नहीं खेल सकेंगे। हालांकि शिवेंद्र ने साफ किया है कि मैंने जानबूझकर स्टिक नहीं उठाई थी। मैदान पर मैं जोश में जरूर था। लेकिन मेरा पिछला रिकॉर्ड बेहतर रहा और मुझे 110 मैचों में कभी इतनी बड़ी सजा नहीं मिली।
शिवेंद्र सिंह पर लगाए गए बैन से भारत के पूर्व हॉकी खिलाड़ी नाराज हैं। भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान जफर इकबाल ने आरोप लगाया है कि अंतरराष्ट्रीय हॉकी फेडरेशन हमेशा से एशियाई देशों के साथ भेदभाव करता है। जफर इकबाल ने साफ-साफ कहा कि अंतरराष्ट्रीय हॉकी फेडरेशन हर बार भारत और पाकिस्तान को अपना निशाना बनाता है। भारत या पाकिस्तान की टीमें कुछ भी धक्का-मुक्की करती हैं तो अंपायर तुरंत रेड या यलो कार्ड दिखा देते हैं। लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ बावजूद इसके शिवेंद्र को तीन मैच के लिए बाहर कर दिया गया।
ऐसा नहीं कि ऐसी राय सिर्फ जफर इकबाल की है। कुछ ऐसा ही सोचना पूर्व कप्तान परगट सिंह का भी। परगट का कहना है कि शिवेन्द्र ने ऐसा कोई फाउल नहीं किया था, जिसकी वजह से उन्हें इतनी बड़ी सजा दी जाए। ये फैसला भारत और हॉकी दोनों के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। आश्चर्य तो इस बात का है कि पाकिस्तान ने शिवेन्द्र के खिलाफ कोई शिकायत नहीं की थी। फेडरेशन ने खुद ही संज्ञान लेते हुए शिवेन्द्र पर प्रतिबंध लगाने का फरमान जारी कर दिया। यहां तक मैदान पर मौजूद अंपायर ने भी इसे साधारण माना था और शिवेन्द्र को कोई चेतावनी भरा कार्ड नहीं दिखाया था।
पूर्व खिलाड़ियों का आरोप है कि अंतरराष्ट्रीय हॉकी फेडरेशन ने आंखों पर पट्टी बांध रखी है। खिलाड़ियों का आरोप है कि फेडरेशन भारत-पाकिस्तान मैच में खोजकर विवाद निकालता है। पर भारत-पाक मैच के ठीक पूर्व इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले गए मैच में इंग्लैंड के स्टार खिलाड़ी मूर ने ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी को कोहनी से धक्का देकर मैदान पर गिराया। मूर की इस हरकत पर अंतरराष्ट्रीय हॉकी फेडरेशन ने कोई प्रतिक्रिया नहीं की। हालांकि मूर के धक्का देने पर अंपायर ने जरूर ऑस्ट्रेलिया को पेनल्टी कॉर्नर दिया था।
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