मुंबई। मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने खुद को भारत रत्न दिए जाने की मांग पर पहली बार सार्वजनिक टिप्पणी करते हुए कहा है कि भारत रत्न बनना गौरवपूर्ण उपलब्धि है। जिन लोगों को ये अवॉर्ड अब तक मिला है वो मेरे ही नहीं, बल्कि देश के हीरो हैं। कौन नहीं चाहेगी कि उस लिस्ट में उसका भी नाम हो। हर भारतीय चाहता है कि उसे भारत रत्न मिले। लेकिन मेरा ध्यान इस समय अपने खेल पर हैं। अवॉर्ड अगर मिलना होगा तो मिल जाएगा।
सचिन ने अपनी सर डॉन ब्रैडमैन से तुलना पर कहा कि उनसे तुलना नहीं की जानी चाहिए। मेरा ख्वाब सिर्फ अपने देश के लिए खेलना भर था। अपने हालिया रिकॉर्ड पर सचिन ने कहा कि जब भारत जीतता है तो मुझे हमेशा खुशी होती है। स्वाभाविक रूप से जब आप कुछ हासिल करते हैं तो आपको संतोष होता है। हालिया रिकॉर्ड भी बहुत संतोषजनक रहा। ये मेरा नहीं बल्कि भारत का रिकॉर्ड है।
हॉकी विश्वकप के बारे में सचिन ने कहा कि मैं भी हॉकी का फैन हूं और जब भारत खेलता है तो मैं थोड़ा नर्वस हो जाता हूं। मैं हॉकी का एक्सपर्ट तो नहीं हूं लेकिन एक बड़ा फैन जरूर हूं। सचिन ने कहा कि एक एनजीओ का ब्रांड एंबेसडर बनने की प्रेरणा उन्हें उनकी बेटी से मिली। उनकी बेटी ने अपने दोस्तों से अपने जन्मदिन पर गिफ्ट के बदले नकद पैसे मांगे ताकि वह गरीब बच्चों की मदद के लिए पैसे जुटा सके।








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