नई दिल्ली। हॉकी विश्वकप के दो मैचों के लिए प्रतिबंधित किए गए भारतीय स्ट्राइकर शिवेन्द्र सिंह ने उन्हें मिली सजा पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए आज कहा कि उन्हें इससे गहरा झटका लगा है।
शिवेन्द्र ने कहा कि इस सजा से मुझे गहरा झटका लगा है। मैं उम्मीद कर रहा था कि अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ (एफआईएच) की जूरी वीडियो फुटेज देखने के बाद मुझ पर लगे तीन मैचों का प्रतिबंध हटा देगी। क्योंकि मैंने जानबूझकर कुछ नहीं किया था यह दुर्घटनावश हो गया था। लेकिन अब मेरे पास एफआईएच के फैसले का स्वीकार करने के अलावा कोई चारा नहीं है।
उल्लेखनीय है कि शिवेन्द्र को पाकिस्तान के खिलाफ विश्वकप के मैच में अपनी स्टिक से विपक्षी खिलाड़ी फरीद अहमद को चोट पहुंचाने के आरोप में टूर्नामेंट डॉयरेक्टर ने तीन मैचों के लिए प्रतिबंधित किया गया था। लेकिन भारत की अपील पर एफआईएच की जूरी ने यह सजा घटाकर दो मैच कर दी।
शिवेन्द्र ने कहा कि मेरे खिलाफ किसी ने शिकायत नहीं की थी। उस रात को जो कुछ हुआ वह सबके सामने है। असल में उस पाकिस्तानी खिलाड़ी ने मुझे धक्का दिया था। लेकिन आश्चर्य की बात है कि सजा मुझे मिली। यह पूछने पर कि उनके अगले दो मैचों में नहीं खेल पाने के कारण भारतीय टीम के प्रदर्शन पर क्या प्रभाव पड़ेगा।
शिवेन्द्र ने कहा कि मेरी अनुपस्थिति में टीम के अन्य फारवर्ड खिलाड़ियों पर अतिरिक्त दबाव रहेगा। लेकिन वे अगले दो मैचों में मेरी भरपाई करने में पूरी तरह सक्षम हैं।
(एजेंसी की जानकारी के साथ)
More on: Hockey, Shivendra, Speak, hockey world cup-2010








कमेंट्स
0