नई दिल्ली। भारत के साथ अपने रिश्तों में दोबारा मजबूती लाने के लिए इच्छुक ऑस्ट्रेलिया ने बुधवार को स्वीकार किया है कि भारतीयों पर हुए कुछ हमले नस्लीय थे और इसकी वजह से ऑस्ट्रेलिया की छवि धूमिल हुई है।
अपनी तीन दिवसीय भारत यात्रा के दौरान ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री स्टीफन स्मिथ ने बुधवार को कहा कि ऑस्ट्रेलियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिमिनोलॉजी इन हमलों का अध्ययन कर रहा है और जल्द ही इसकी विस्तृत रिपोर्ट आ जाएगी जिससे सरकार को इस समस्या से निपटने में काफी मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि हम जानते हैं कि कई हमले नस्लीय थे और यह निश्चित रूप से बेहद निंदनीय है। हमें यह भी पता है कि इसकी वजह से भारतीयों के बीच ऑस्ट्रेलिया की छवि खराब हुई है।
स्मिथ ने कहा कि हमलों से संबंधित 70 मामलों की जांच चल रही है और हम नस्लीय हमलों को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेंगे।
इससे पहले ऑस्ट्रेलिया ने यह मानने से इंकार किया था कि भारतीयों पर हुए हमले नस्लीय थे।
स्मिथ बुधवार शाम को भारतीय विदेश मंत्री एस. एम. कृष्णा से मुलाकात करेंगे, जिसमें मुख्यरूप से ऑस्ट्रेलिया में भारतीय छात्रों की सुरक्षा पर चर्चा होगी।
उन्होंने कहा कि पढ़ाई के अलावा कुछ छात्र अंशकालिक नौकरी भी करते हैं। इन छात्रों के लिए सबसे ज्यादा खतरा है। इसलिए उन्हें सलाह दी गई है कि देर रात सार्वजनिक वाहनों से चलते समय ये लोग सावधानी रखें।
दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों से मुखातिब होते हुए स्मिथ ने भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों की तुलना ट्वेंटी-20 मैच से की।
सेंट स्टीफन कॉलेज में उन्होंने छात्रों से कहा कि ऑस्ट्रेलिया-भारत के रिश्ते ट्वेंटी-20 क्रिकेट मैच की तरह हैं, जहां एक क्षण तो जबरदस्त उत्साह रहता है इसके बाद लंबे समय तक निष्क्रियता रहती है। हम इस संबंध को टेस्ट मैच में तब्दील करना चाहते हैं।
ऑस्ट्रेलिया में करीब 120,000 भारतीय छात्र पढ़ते हैं जबकि वहां रहने वाले भारतीयों की संख्या करीब 500,000 है।








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