मुंबई। क्रिकेट की किंवदंती बन चुके मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने कहा है कि वह आज भी अपने सपनों को पूरा करने में लगे हुए हैं और इसी कड़ी में वनडे क्रिकेट में नाबाद 200 रन की पारी उनके बल्ले से निकली।
रिकॉर्ड पुरुष सचिन ने यहां एक कार्यक्रम में संवाददाताओं से कहा कि मैंने क्रिकेट तीन पीढ़ियों के साथ खेला है और हर पीढी़ के साथ खेलने के दौरान मैंने कुछ सपने संजोए थे जो धीरे-धीरे पूरा हो रहे है। मैं टीम इंडिया का एक खास सदस्य बनना चाहता था और मैंने ऐसा कर दिखाया है।
सचिन ने कहा कि ग्वालियर में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वनडे इतिहास का पहला नाबाद दोहरा शतक बनाने के लिए अभी भी उन्हें बधाईयां मिल रही हैं। मैं इसका मजा ले रहा हूं। वनडे क्रिकेट में दोहरा शतक बनाने में करीब चार दशक का समय लगा। मैंने ऐसा करिश्मा कर दिखाया मुझे इसकी खुशी है और मेरे प्रशंसक अभी भी मुझे बधाई संदेश भेज रहे हैं। मैं इससे गदगद हूं।
यह पूछने पर कि क्या उनके प्रशंसक टेस्ट में उनके बल्ले से तिहरे शतक की पारी भी देख पाएंगे इसपर सचिन ने कहा कि जब ऐसा होना होगा तो हो जाएगा। मैं इस बारे में ज्यादा नहीं कहना चाहता हूं।
गौरतलब है कि क्रिकेट के 70 से ज्यादा रिकॉर्ड अपने नाम रखने वाले मास्टर ब्लास्टर सचिन के ग्वालियर में वनडे में दोहरा शतक लगाने के बाद से उन्हें ‘भारत रत्न’ देने की मांग जोर पकड़ चुकी है। खुद सचिन ने भी इस पुरस्कार के बारे में कहा था कि ‘भारत रत्न’ बनना हर भारतवासी का सपना होता है। कपिलदेव, अजीत वाडेकर और मोहम्मद अजहरुद्दीन समेत कई पूर्व कप्तानों ने भी सचिन को ‘भारत रत्न’ देने की मांग की थी।
क्रिकेट से इतर राजनीति और बॉलीवुड से जुड़ी हस्तियों ने भी सचिन को देश का अनमोल तोहफा बताते हुए उन्हें ‘भारत रत्न’ दिए जाने की मांग की थी।








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