मुंबई। बाल ठाकरे की बहू स्मिता ठाकरे ने एक बार फिर सोनिया गांधी की तारीफों के पुल बांधे हैं। उन्होंने कहा है कि राज्यसभा में अगर महिला आरक्षण बिल को भारी बहुमत से मंजूरी मिल पाई है तो इसके पीछे सिर्फ और सिर्फ सोनिया गांधी की मेहनत है।
ये बयान तब आया है जब महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय और मुंबई में बीएमसी चुनाव करीब हैं। खबर है कि स्मिता कांग्रेस से जुड़कर इन चुनावों में अहम रोल निभाना चाहती हैं।
शिवसेना सुप्रीमो बाल ठाकरे को उनके बड़े बेटे जयदेव ठाकरे की पत्नी स्मिता ने फिर झटका दिया है। ठाकरे आए दिन सोनिया गांधी को कोसते हैं, लेकिन स्मिता सोनिया की तारीफों के पुल बांध रही हैं। 1995 से 1999 के बीच महाराष्ट्र में शिवसेना-बीजेपी की सरकार रहते स्मिता ठाकरे सत्ता की धुरी कही जाती थीं। लेकिन उद्धव के उदय के साथ ससुराल यानी मातोश्री के दरवाजे उनके लिए बंद होने लगे।
जुहू के एक बंगले में 10 साल से बनवास काट रहीं स्मिता अब एकदम नए अंदाज में सक्रिय हुई हैं। उनके निशाने पर मातोश्री और लबों पर सोनिया का गुणगान है। बहाना महिला आरक्षण विधेयक है।
जाहिर है कि स्मिता का सोनिया प्रेम एक दिन में नहीं उमडा़। उद्धव ठाकरे के आगे बढ़ने से शिवसेना में उनका राजपाट छिना। कहते हैं कि राज ठाकरे भी उन्हें पसंद नहीं करते। ऐसे में वे दुश्मन के दुश्मन यानी कांग्रेस का दामन थाम बड़ी छलांग लगाना चाहती हैं।
राजपाट खोने से छटपटा रहीं स्मिता महाराष्ट्र में नए महाभारत की तैयारी कर रही हैं जिसमें भाभी का मुकाबले देवरों से होगा।
सवाल ये नहीं है कि सोनिया की तारीफ कर स्मिता अपने लिए कांग्रेस में जाने का रास्ता बना रही है। सवाल ये है कि अपने देवरों राज और उद्धव को नजरअंदाज कर स्मिता ये मैसेज भी देना चाह रही है कि अगर कांग्रेस ने उन्हें पार्टी में ले लिया तो वे महाराष्ट्र में सीधी लड़ाई अपने इन्हीं देवरो के खिलाफ ही लडेंगी।












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