मुंबई। मुंबई में चल रहे मराठी के मुद्दे पर अब बीजेपी भी कूद पड़ी है। बीजेपी नेता राम नाइक ने अब गोरेगंव के बॉंम्बे मेटरनिटी कॉलेज से बॉम्बे शब्द हटाने की मांग की है। साथ ही इसके लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है।
इस कॉलेज पर जगह-जगह पुराने नाम की छाप दिखती है। लेकिन भावनाओं की राजनीति करने वालों को ये मंजूर नहीं। इसलिए शिवसेना और एमएनएस की राह पर चलते हुए इस बार नफरत की राजनीति का बीड़ा बीजेपी ने उठाया है। इसके अगुआ हैं बीते लोकसभा चुनाव में जनता से नकार दिए गए राम नाइक। राम नाइक ने गोरेगांव के इस कॉलेज के अंग्रेजी में लिखे बोर्ड को 24 घंटे के अंदर बदलने की चेतावनी दे डाली है।
बीजेपी की इस चाल में राजनीतिक दलों को एमएनएस और शिवसेना की आहट मिल रही है। महंगाई, अपराध, किसानों की खुदकुशी जैसे मुद्दों को छोड़कर कॉलेज का नाम मुंबई हो या बॉम्बे। साफ है बीजेपी जमीनी और असली मुद्दों को उठाने में खुद को नाकाम पा रही है। इन मुद्दों से बीजेपी को कोई फायदा हो या न हो कांग्रेस को कटाक्ष करने का मौका जरूर दे दिया है।
राजनाथ सिंह के बाद बीजेपी की कमान अब नितिन गडकरी के हाथों में है। गड़करी का नाता महाराष्ट्र से है और पार्टी के सामने महाराष्ट्र में खुद को बेहतर करने की चुनौती है। गडकरी के गढ़ में जिस तरह शिवसेना और एमएनएस नफरत की राजनीति में आगे निकल गई। उससे बीजेपी को झटका लगा। आने वाले नगर निगम चुनाव में बीजेपी की साख बच पाए शायद नाइक उसी की कवायद कर रहे हैं।












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