नई दिल्ली। पूर्व वित्तमंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी के सदस्य यशवन्त सिन्हा की ‘..रोटी बनाम गुब्बारा..’ चुटकी पर आज लोकसभा में सदस्यों ने जोरदार ठहाका लगाया।
सिन्हा ने वर्ष 2010-11 के आम बजट पर चर्चा शुरू करते हुए खाद्यान्नों की बढ़ती कीमतों और बजट प्रस्तावों में गुब्बारे पर उत्पाद शुल्क घटाए जाने पर यह चुटकी ली।
उन्होंने इस बजट का असर दर्शाने के लिए एक काल्पनिक दृश्य का चित्रण करते हुए कहा कि गांव में बने इंदिरा आवास योजना के मकान में रहने वाली ग्रामीण महिला राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना के तहत लगे बल्ब को निहारती है। जो जलता ही नहीं है।
वह जब शहर में आती है और जवाहर लाल नेहरु मार्ग से गुजरती है तो उसका भूख से बिलखता बेटा रोटी मांगता है। इस पर वह कहती है बेटा रोटी तो नहीं दे सकती लेकिन गुब्बारा ले ले।
इस पर संपूर्ण विपक्ष ने जोरदार ठहाका लगाया लेकिन सत्तापक्ष के सदस्य खामोश बैठे रहे।








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