बैंकाक। थाईलैंड में संसद भंग करने की मांग को लेकर सरकार पर दबाव बनाने के लिए मंगलवार को हजारों प्रदर्शनकारियों ने पहले अपना रक्त इकट्ठा किया इसके बाद इसे सरकार के प्रशासनिक परिसर में डाल दिया।
इस विरोध प्रदर्शन की अगुवाई करने वाली युनाइटेड फ्रंट फॉर डेमोक्रेसी अगेंस्ट डिक्टेटरशिप (यूडीडी) की मांग है कि प्रधानमंत्री अभिसित वेज्जाजीवा इस्तीफा दें और संसद भंग करके इस सप्ताह नए चुनाव कराने की घोषणा करें ताकि उनके नेता और निर्वासित प्रधानमंत्री थाकसिन शिनावात्रा की राजनीतिक वापसी का मार्ग प्रशस्त हो सके। उधर वेज्जाजीवा सोमवार को इस्तीफा देने से इंकार कर चुके हैं।
यूडीडी के नेताओं ने अपने हजारों समर्थकों से करीब 275 लीटर रक्त इकट्ठा किया और इसे करीब 50 कंटेनरों में रखा। फिर इसे ले जाकर सरकार के प्रशासनिक परिसर के छह प्रवेश द्वारों पर डाल दिया।
यूडीडी के नेता नत्तावुत सायकुएर ने कहा कि जब अभिसित काम पर आएंगे तो लोगों के खून पर से होकर गुजरेंगे। हम लोगों का खून गर्म है जबकि प्रधानमंत्री का खून ठंडा है।
यूडीडी के हजारों समर्थक मंगलवार तड़के से राजदामनोएन एवन्यू के फान फा पुल पर रक्तदान के लिए इकट्ठा होने लगे थे।
उल्लेखनीय है कि दिसंबर 2008 में पूर्व पीपुल्स पावर पार्टी के विघटन के बाद अभिसित संसदीय प्रक्रिया से प्रधानमंत्री बने थे जबकि उनके विरोधियों का कहना है कि उन्होंने सेना की मदद से सत्ता पर कब्जा कर लिया।
यूडीडी ने रविवार को चेतावनी दी थी कि प्रधानमंत्री अभिसित सोमवार दोपहर तक इस्तीफा देकर नए चुनाव कराने की घोषणा कर दें जबकि प्रधानमंत्री ने ऐसा करने से इंकार कर दिया।
सरकार ने बैंकाक और आसपास के सात प्रांतों में 11 मार्च से 23 मार्च के बीच आंतरिक सुरक्षा अधिनियम लागू कर दिया है। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए बैंकाक में 42,000 पुलिसकर्मियों और सैनिकों की तैनाती की गई है।
वर्ष 2001 से 2006 के दौरान प्रधानमंत्री रहे थाकसिन को सत्ता का दुरुपयोग करने के आरोप में दो साल की जेल हुई थी जिससे बचने के लिए वह 2008 में दुबई चले गए थे।








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